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किराए पर सर्टिफिकेट दिया तो जेल जाएंगे फार्मासिस्ट

जोधपुर (28.11.2015)

हमें आरटीआई से कई अहम जानकारी मिली है। सैकड़ों की संख्या में ऐसे फार्मासिस्ट हैं जिन्होंने अपना फार्मेसी रजिस्ट्रेशन को किराये पर दवा विक्रेताओं को दिया है जबकि नौकरी अन्यत्र कर रहे है। हम बारीकी से अध्ययन कर रहे इनमे  ज्यादातर मेडिकल रिप्रेजेन्टेटिव है कुछ कॉलेज के प्रोफ़ेसर और सरकारी नौकरियों में भी हैं। दोषी पाये जाने वाले तमाम फार्मासिस्टों का निबंधन रद्द करने हेतु राज्य सरकार, राजस्थान फार्मेसी काउंसिल के साथ फार्मेसी काउंसिल ऑफ़ इंडिया को बाध्य किया जाएगा, साथ ही एक एक कर सबपर एफ आई.आर. दर्ज़ कराइ जायेगी। उक्त बातें अभिनव फार्मेसी अभियान के राष्ट्रीय संयोजक सुरेन्द्र चौधरी ने स्वस्थ भारत अभियान से कही.

क्या है अभिनव फार्मेसी अभियान
अभिनव फार्मेसी अभियान जोधपुर, बीकानेर समेत कई फार्मासिस्ट युवाओं द्वारा चलाया जा रहा अभियान है, जो फार्मासिस्टों को अपने अधिकार के प्रति जागरूक करने के साथी साथ औषधि नियंत्रण बिभाग में फैले भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। अभिनव फार्मेसी से जुड़े फार्मासिस्ट अभिनव फार्मासिस्ट कहे जाते है। कोई भी रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट अभियान का सदस्य बन सकता है। किसी भी तरह का कोई शुल्क नहीं लिया जाता।
कैसे काम करते है अभिनव फार्मासिस्ट
सुरेंद्र बतातें हैं कि जोधपुर समेत पुरे राज्य में दवा वितरण प्रणाली पटरी से उतर चुकी है। गैर प्रशिक्षित लोग हर जगह दवा बाँट रहे है। इससे आम जन के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। अभिनव युवा सरकारी तंत्र को एक्टिव करने हेतु धड़ल्ले से आरटीआई का इस्तेमाल करते है । समय समय पर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर औषधि नियंत्रण विभाग के अफसरों पर दबाब डालते है। भ्रष्टाचार सम्बंधित मामले में एंटी करप्शन डिपार्टमेंट के अधिकारीयों की मदद से भ्रष्ट अधिकारीयों और कर्मचारियों को सजा दिलाई जाती है। दूसरी तरफ आरटीआई के माध्यम से वैसे फार्मासिस्ट की डिटेल प्राप्त करते है, जिसने गैर क़ानूनी रूप से किराये पर अपना निबंधन मेडिकल दुकान चलाने के लिए दिया है वैसे फार्मासिस्टों पर भी मुकदमा दर्ज़ कर निबंधन रद्द करने हेतु करवाई करते है।

अभिनव फार्मेसी अभियान के सदस्य
अभिनव फार्मेसी अभियान के सदस्य

सफल रहा है अभिनव अभियान
अभिनव फार्मेसी अभियान अबतक काफी सफल रहा है। देश भर में चर्चे बटोर रहा अभिनव फार्मेसी अभियान के प्रयासों के फलस्वरूप कई फार्मासिस्ट अपने सर्टिफिकेट को दवा दुकान से वापस ले चुके हैं। ज्यादातर अपनी दुकान खुद खोल रहे है और मरीज़ों की सेवा कर रहे हैं वही दूसरी तरफ भ्रष्ट अधिकारीयों और किराये पर सर्टिफिकेट पर दुकान चलाने वाले गैर क़ानूनी दुकानदारों के साथ साथ गलती कर रहे फार्मासिस्ट पर भी क़ानूनी शिकंजा कस रहे हैं।
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1 comment

lalit kumar December 2, 2015 at 5:12 pm

Sir,l aggri with you and l want to some step that this type of retailer expose him.because large scale unempleosement. And request all pharmacistplease give not your liesene any other person.

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