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Know Your Medicine कैंपेन में फार्मासिस्टों का अहम् योगदानः विनय कुमार भारती

“नो योर मेडिसिन” पर बात करते हुए विनय कुमार भारती ने कहा की चूँकि हर कदम पर अनट्रेंड लोग दवा बाँट रहे है ऐसे में दवा की सही जानकारी मिलना मरीज़ के लिए असम्भव-सा है। ऐसे में डॉक्टर और फार्मासिस्ट की जिम्मेदारी बनती है की दवा के बारे में आम जनता को जागरूक करें। मरीज़ों को चाहिए की इलाज़ के दौरान अपने डॉक्टर और फार्मासिस्ट से दवा सम्बन्धी सवाल बेहिचक पूछें और उनके द्वारा बताए गए सलाह पर अमल करें। निरोग रहें…।

 
नई दिल्ली/ पिछले दिनों दिल्ली के गांधी शांति प्रतिष्ठान में आयेजित नो योर मेडिसिन कैंपेन के शुभारंभ के अवसर पर बोलते हुए फार्मा एक्टिविस्ट विनय कुमार भारती ने देश के फार्मासिस्टों से आह्वान किया कि वे इस कैंपेने से जुड़े। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि देश के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी फार्मा मित्रो पर है। इस मौके पर उन्होंने कहा कि अगर हमारे किसी फार्मासिस्ट ने गलत किया है तो उसकी ज़िम्मेदारी लेने के लिए हम तैयार हैं।  लेकिन उन अस्सी फीसदी गैर फार्मासिस्टों का क्या जो वेखौफ़ होकर सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों समेत देश भर की दवा दुकानों में गैर क़ानूनी रूप से दवा बाँट रहे है? दवा को जन्म देने से लेकर उसे सुरक्षित तरीके से मरीज़ तक पहुँचाने का ज़िम्मा फार्मासिस्ट का है देश भर के फार्मासिस्ट अपनी पूरी निष्ठां से अपने कार्य में लगे हैं। नो योर मेडिसिन (अपनी दवा को जानिए) अभियान से जहाँ एक तरफ आम जन में जागरूकता आएगी वही दवा के दुष्प्रभाव से मरीज़ों को बचाया जा सकेगा!
Know Your Medicin Programme
विनय ने बताया कि दवा बनाने से लेकर दवा का वितरण करने का क़ानूनी अधिकार केवल एक फार्मासिस्ट का है ! अपने चार बर्ष के पाठ्यक्रम में फार्मासिस्ट दवा से सम्बंधित विषय का गहन अध्ययन करते हैं, भारत जैसे उन्नत देश के लिए बड़े ही शर्म की बात है की दवा व्यवसाय से जुड़े  अस्सी फीसदी से कहीं ज्यादा ही लोग ड्रग एंड कास्मेटिक एक्ट और फार्मेसी एक्ट का उलंघन कर रहे हैं। यूपी का उदाहरण देते हुवे उन्होंने कहा की स्टेट फार्मेसी काउंसिल में केवल 45 हज़ार फार्मासिस्ट रजिस्टर्ड है जिसमे करीब 15 हज़ार फार्मासिस्ट सरकारी सेवा में हैं जो दवा दुकान का संचालन नही कर सकते, बावजूद इसके यूपी फ़ूड एंड ड्रग डिपार्टमेंट ने एक लाख से ज्यादा दवा दुकानों को लाइसेंस जारी कर दिया है। ऐसे में सहज अनुमान लगाया जा सकता है की लाखों की संख्या में गैर प्रशिक्षित लोग दवा बाँट रहे है ! आरटीआई से मिले आंकड़े इस बात के गवाह है की औषधी नियंत्रण प्रशासन पूरी तरफ भ्रष्टाचार में लिप्त है! अमूमन पूरे देश भर का यही हाल है। यह कहना गलत नहीं होगा की देश की दवा नीतियों पर कार्य करने वाली रेगुलेटरी संस्थायें पूरी तरह नाकाम साबित हुई हैं!
“नो योर मेडिसिन” पर बात करते हुए उन्होंने कहा की चूँकि हर कदम पर अनट्रेंड लोग दवा बाँट रहे है ऐसे में दवा की सही जानकारी मिलना मरीज़ के लिए असम्भव-सा है। ऐसे में डॉक्टर के साथ-साथ फार्मासिस्ट की भी जिम्मेदारी बनती है की दवा के बारे में आम जनता को जागरूक करें ! मरीज़ों को चाहिए की इलाज़ के दौरान अपने डॉक्टर और फार्मासिस्ट से दवा सम्बन्धी सवाल बेहिचक पूछें और उनके द्वारा बताए गए सलाह पर अमल करें ! निरोग रहें…।
 विनय कुमार भारती ने क्या कहा…देखिए विडिओ 

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