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फार्मासिस्टों ने फूंका बिगुल,जनहित में कल करेंगे 1 घण्टा अधिक कार्य…

डिंडोरी/ म.प्र.

अवैध व गैरकानूनी दवा दुकानों को बंद करने की मांग
फार्मासिस्ट को मिले चिकित्सा का अधिकार

फार्मासिस्ट की उपस्थिति के बगैर चल रहे मेडिकल स्टोर व् उनको संरक्षण प्रदान करने वाले अधिकारीयों पर तथा अपने रजिशट्रेशन किराये पर देने वाले फार्मासिस्ट पर आपराधिक मुकदमे दर्ज कर शीघ्र कार्यवाही की मांग को लेकर एक डिंडोरी में बैठक आयोजित की गई । प्रांतीय फार्मासिस्ट असोसिएशन के प्रदेश प्रवक्ता विवेक मौर्य डिंडोरी में आयोजित असोसिएशन के स्थापना दिवस कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। कल प्रदेश के स्थापना दिवस के साथ असोसिएशन का भी स्थापना दिवस था। जिसमे पुरे प्रदेश के विभिन्न जिलों में असोसिएशन की और से फार्मासिस्ट लोगो ने अलग अलग बैठक व् गोष्ठी की। डिंडोरी में आयोजित बैठक में फार्मासिस्ट समुदाय ने प्रदेश में औषधि विभाग की निष्क्रियता के चलते फार्मेसी एक्ट के उलन्घन कर जनता की जान से हो रहे खिलवाड़ पर एक और जहाँ गहरी चिंता व्यक्त की वहीँ इससे निपटने की रणनीति भी बनाई।

बैठक को सम्बोधित करते विवेक मौर्य
बैठक को सम्बोधित करते विवेक मौर्य

फार्मासिस्ट द्वारा प्रदेश में बेहतर चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने के फार्मासिस्ट का उपयोग उत्तराखण्ड, केरल जेसे राज्यो के समान कर चिकित्सकीय अधिकार देके झोलाछाप पद्धति पे लगाम लगाई जाये। ज्ञात हो प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के मुखिया ने स्वीकार किया है कि 500 के लगभग सरकारी अस्पताल में डॉक्टर नही है उनकी अनुपस्थिति में फार्मासिस्ट ही चिकित्सक के कार्य कर रहे है। प्रदेश की जेलो के अस्पताल में भी यही हाल है। इसके अलावा स्ंविदा के नियमिति करण व् वेतन विसंगति दूर करने की मांग पर भी चर्चा हुई। फार्मासिस्ट का प्रति आज मुख्यमन्त्री के नाम से कलेक्टर को ज्ञापन सौपेंगे।
मध्य प्रदेश की सरकार के अधिकारी जहाँ दबी जुबान से मानते है कि कई अस्पतालों में चिकित्सक नहीं है वहां फार्मासिस्ट ही मरीज़ का उपचार कर रहे है। उत्तराखंड की सरकार ने डॉक्टर की अनुपस्थिति में फार्मासिस्ट को प्रिस्क्रिप्सन लिखने के लिए बतौर शासन आदेश दे रखा है! प्रांतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन के सदस्य मांग कर रहे की उन्हें भी प्रिस्क्रिप्सन लिखने की अनुमति दी जाए।
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1 comment

Niketan khare November 6, 2015 at 4:04 pm

Sahi h sir hm log berojgari kat rhe h or Jo log job kr rhe h unke nam Se medical chal rhe h to hm na medical khol skte h na job
Jiske pass paisa holsell ka licence le ke busnice kr RHA h
Log kya kre na paisa h na job
2012 me diploma liya Tha ajj tk rkha h ex hone bala h……

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