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Arogya Setu 2.0 और कई डिजिटल पहलों का शुभारंभ

Arogya Setu 2.0 और कई डिजिटल पहलों का शुभारंभ

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण तथा रसायन और उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने स्वास्थ्य में डिजिटल ढांचे को मजबूत करने के लिए डिजिटल स्वास्थ्य पहलों की एक श्रृंखला का शुभारंभ किया। इन डिजिटल पहलों में आरोग्य सेतु 2.0, आयुष्मान ऐप, आयुष्मान सारथी व्हाट्सएप चैटबॉट, नेशनल हेल्थ क्लेम एक्सचेंज (NHCX), इंश्योरेंस प्लान एफएचआईआर ऑब्जेक्ट क्रिएटर, ई-सुश्रुत क्लिनिक, यूनिफाइड हेल्थ इंटरफेस (UHI), ड्रग रजिस्ट्री, कॉमन एलओआईएनसी कोड फॉर इंडिया (CLCI) और भारत हेल्थ टर्मिनोलॉजी सर्विस (BHTS) शामिल हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण और ईएचआर मानकों के लिए राष्ट्रीय संसाधन केंद्र (NRCES) के तत्वावधान में विकसित इन पहलों का उद्देश्य स्वास्थ्य देखभाल इकोसिस्टम में स्वास्थ्य जानकारी के निर्बाध आदान-प्रदान को सक्षम करते हुए पहुंच, दक्षता और देखभाल की निरंतरता में सुधार करना है। मालूम हो कि आयुष्मान सारथी–पीएम-जेएवाई व्हाट्सऐप चैटबॉट नागरिकों को व्हाट्सऐप के ज़रिए आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY) की सेवाओं तक आसान, सुरक्षित और 24×7 पहुँच प्रदान करेगा तो ड्रग रजिस्ट्री औषधि संबंधी जानकारी देगा, ई-सुश्रुत@क्लिनिक क्लाउड-आधारित एचएमआई है जो बाह्य रोगी क्लीनिकों के लिए है, तो यूएचआई रोगियों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को किसी एक ऐप तक सीमि‍त हुए बिना विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्मों पर आपस में जुड़ने में सक्षम बनाता है।

आरोग्य सेतु: महत्वपूर्ण कदम

स्वास्थ्य मंत्री ने इस अवसर को “डिजिटल नवाचार के माध्यम से एक स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण की दिशा में देश की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर” बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने आयुष्मान भारत जैसी परिवर्तनकारी पहलों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा के दायरे का लगातार विस्तार किया है, जबकि देखभाल के प्राथमिक, माध्यमिक और तृतीयक स्तरों पर संबंधों को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि इन डिजिटल स्वास्थ्य पहलों का शुभारंभ स्वास्थ्य सेवा को अधिक एकीकृत, सुलभ और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।

आरोग्य सेतु: 90 करोड़ आभा अकाउंट

आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) की उल्लेखनीय प्रगति पर श्री नड्डा ने कहा कि 90 करोड़ से अधिक आभा खाते बनाए गए हैं और 100 करोड़ से अधिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड जुड़े हुए हैं। भारत आज दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल स्वास्थ्य इकोसिस्टम में से एक है। उन्होंने बेहतर स्वास्थ्य सेवा वितरण का समर्थन करने के लिए सही और बोधि जैसी एआई-सक्षम पहलों के शुभारंभ का हवाला देते हुए स्वास्थ्य सेवा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती भूमिका को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि डिजिटलीकरण अब एक विकल्प नहीं बल्कि एक आवश्यकता है और नए शुरू किए गए पहल नागरिक-केंद्रित, कनेक्टेड और सक्रिय डिजिटल प्लेटफॉर्म पहले से खंडित स्वास्थ्य सेवाओं को एक एकीकृत मंच पर लाते हैं। उन्होंने कहा कि नया आरोग्य सेतु एप्लिकेशन सभी आयु वर्ग के लोगों-माताओं और बच्चों से लेकर युवाओं, बुजुर्गों और पुरानी बीमारियों से पीड़ित लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं की एक विस्तृत श्रृंखला तक निर्बाध रूप से पहुंचने में सक्षम बनाएगा।

आरोग्य सेतु: आयुष सिस्टम मजबूत होगा

आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने इस पहल को भारत के डिजिटल स्वास्थ्य इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने आयुष प्रणाली को आधुनिक स्वास्थ्य सेवा के साथ एकीकृत करने, अधिक समग्र और रोगी-केंद्रित स्वास्थ्य देखभाल ढांचा बनाने के लिए एक संपूर्ण सरकारी दृष्टिकोण अपनाया है। उन्होंने कहा कि डिजिटलीकरण केवल डिजिटल बुनियादी ढांचे के निर्माण के बारे में नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक के लिए स्वास्थ्य सेवा को अधिक सुलभ बनाने के बारे में है। यह पहल पूरे क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देते हुए महत्वपूर्ण डिजिटल लेयर्स के माध्यम से आयुष सेवाओं की पहुंच को बढ़ाएगी। उन्होंने सभी के लिए सुलभ, समावेशी और एकीकृत स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों और आधुनिक चिकित्सा का एक सहज समामेलन बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

आरोग्य सेतु: महिलाओं पर फोकस

स्वास्थ्य राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा अंततः लोगों के बारे में है और यह सुनिश्चित करना है कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रत्येक व्यक्ति, विशेषकर महिलाओं के लिए सुलभ हों। उन्होंने कहा कि महिलाएं अक्सर अपने स्वास्थ्य की उपेक्षा करते हुए अपने परिवार के स्वास्थ्य की रक्षा करने की जिम्मेदारी उठाती हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल स्वास्थ्य पहल उन्हें अपनी स्वास्थ्य देखभाल की जिम्मेदारी लेने के लिए सशक्त बना सकती है। डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड महिलाओं को देखभाल की निरंतरता सुनिश्चित करती है और वे जहां भी जाएँगी, अपनी चिकित्सा जानकारी तक निर्बाध रूप से पहुंचने में सक्षम होगी। उन्होंने कहा कि इस पहल से आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं सहित अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं पर प्रशासनिक बोझ भी कम होगा और सेवा वितरण में सुधार होगा।

आरोग्य सेतु: स्वास्थ्य सेवा मजबूत होगी

NHA के सीईओ डॉ. सुनील कुमार बरनवाल ने कहा कि भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर ने पहले ही भुगतान, पहचान और सार्वजनिक सेवा वितरण जैसे प्रमुख क्षेत्रों को बदल दिया है। स्वास्थ्य सेवा अब इंटरऑपरेबल प्लेटफॉर्म और नागरिक-केंद्रित सेवाओं के विस्तारित इकोसिस्टम के माध्यम से इसी तरह के डिजिटल परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। उन्होंने कहा कि आज शुरू की गई पहल स्वास्थ्य सेवा की पहुंच को मजबूत करेगी, दक्षता में सुधार करेगी, रोगी के अनुभव को बढ़ाएगी और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को बेहतर डिजिटल उपकरणों से लैस करेगी। उन्होंने कहा कि ये पहल प्रत्येक भारतीय के लिए एक जुड़े, समावेशी और डिजिटल रूप से सशक्त स्वास्थ्य इकोसिस्टम के निर्माण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।

आरोग्य सेतु: दिग्गजों की उपस्थिति

इस कार्यक्रम में आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल, सदस्य (स्वास्थ्य), नीति आयोग डॉ. एम. श्रीनिवास, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा, उपमुख्यमंत्री मध्य प्रदेश राजेंद्र शुक्ला, उपमुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश ब्रजेश पाठक, स्वास्थ्य सचिव श्रीमती पुण्य सलिला श्रीवास्तव, स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव और आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के सीईओ डॉ. सुनील कुमार बरनवाल उपस्थित थे।

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