पटना (स्वस्थ भारत मीडिया)। केंद्र सरकार ने AIIMS पटना के न्यूरोसर्जरी विभाग के प्रोफ़ेसर और हेड डॉ. विकास चंद्र झा को ‘मिनिमली इनवेसिव’ ब्रेन सर्जरी के लिए विकसित एक स्वदेशी ट्यूबलर ब्रेन रिट्रैक्टर के लिए पेटेंट दिया है। यह नया डिवाइस सर्जनों को सर्जरी के लिए छोटे से छेद के ज़रिए दिमाग के अंदर गहराई में मौजूद घावों (lesions) तक पहुँचने में मदद करता है जिससे दिमाग के स्वस्थ टिश्यू को कम नुकसान पहुँचता है। इसमें ब्रेन सर्जरी को ज़्यादा सुरक्षित, सटीक और सस्ता बनाने की क्षमता है, साथ ही इससे खून का नुकसान, जटिलताएँ, अस्पताल में रहने का समय और ठीक होने में लगने वाला समय भी कम होता है।
इस डिवाइस को एडवांस्ड न्यूरोनेविगेशन और रोबोटिक टेक्नोलॉजी के साथ भी जोड़ा जा सकता है जिससे सर्जरी बहुत सटीकता से की जा सकती है।
सस्ता भी, हल्का भी
जानकारी के मुताबिक AIIMS पटना में एक मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम की मदद से विकसित यह टेक्नोलॉजी विदेशों से मँगाए जाने वाले विकल्पों की तुलना में काफ़ी सस्ती है और एडवांस्ड न्यूरोसर्जिकल देखभाल तक पहुँच बेहतर बनाने में मदद कर सकती है। AIIMS पटना के डायरेक्टर और CEO ने इस शानदार उपलब्धि के लिए डॉ. विकास चंद्र झा और पूरी टीम को बधाई दी और भारत में सस्ती और उच्च-गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवा को मज़बूत करने वाले इस स्वदेशी इनोवेशन को विकसित करने में उनके प्रयासों की सराहना की। इस डिवाइस का नाम ‘सराज रिट्रैक्टर’ (Saraj Retractor) है। यह बहुत हल्का (20 ग्राम) न्यूरोसर्जिकल डिवाइस है। पारंपरिक 3.5 किलोग्राम वाले ब्रेन रिट्रैक्टर की तुलना में सराज रिट्रैक्टर छोटा, इस्तेमाल में आसान (एर्गोनॉमिक) है और इसे एक हाथ से चलाया जा सकता है। इससे कई सहायकों पर निर्भरता कम होती है और साथ ही सर्जरी की क्षमता और मरीज़ों की देखभाल में भी सुधार होता है।
