नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय दवा कंपनियों की ग्लोबल लेवल पर मजबूत मौजूदगी की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कम से कम एक-दो भारतीय कंपनियों को दुनिया की टॉप—5 दवा कंपनियों में प्रमुख स्थान हासिल करना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने 80वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर लाल किले से राष्ट्र को संबोधित कर रहे थे।
टॉप 5 में पहुंचें
उन्होंने कहा कि हमने फार्मा सेक्टर में महत्वपूर्ण काम किया है, लेकिन आज जरूरत इस बात की है कि एक-दो भारतीय कंपनियां दुनिया की टॉप 5 कंपनियों में प्रमुख स्थान हासिल करें। भारत को वहां अपना स्थान सुनिश्चित करना चाहिए। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार भारतीय फार्मा इंडस्ट्री मात्रा के लिहाज से दुनिया में तीसरे और मूल्य के लिहाज से 11वें स्थान पर है। इस सेक्टर में 3 हजार से ज्यादा कंपनियां और 10 हजार 500 मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट्स हैं। देश का दवा बाजार 60 अरब अमेरिकी डॉलर का है और 2030 तक इसके 130 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री के भाषण में देश की अर्थव्यवस्था पर खास फोकस दिखा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में मैन्युफैक्चरिंग, फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, कृषि, गति शक्ति, ग्लोबलाइजेशन, ग्रीन इकोनॉमी और ब्लू इकोनॉमी का जिक्र किया।
