नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। सस्ते और बेहतर इलाज की सुविधा बढ़ाने के लिए टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा ने देशभर में 40 से 50 नॉन-प्रॉफिट जनरल हॉस्पिटल का नेटवर्क तैयार करने का ऐलान किया है। इन अस्पतालों का मॉडल ऐसा होगा, जिसमें इलाज का खर्च उठाने में सक्षम मरीजों से मिलने वाली फीस के जरिए गरीबों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। ट्रस्ट ऐसी संस्थाएं भी तैयार करना चाहता है, जो लंबे समय तक लोगों को फायदा पहुंचा सकें। टाटा की संस्था ने विरासत को आगे बढ़ाने की सोची है क्योंकि कैंसर रोगियों के लिए टाटा मेंमोरियल अस्पताल है तो पशुओं के लिए भी मुंबई में दो अस्पताल चला रही है।
काम का असर भी दिखाना होगा
हाल ही नोएल टाटा ने कहा कि अब यह पूछना काफी नहीं है कि ट्रस्ट ने कितना पैसा खर्च किया या कितना योगदान दिया। उन्होंने कहा, ‘संस्था को यह भी बताना होगा कि उसके काम से लोगों की जिंदगी में क्या बदलाव आया और वह बदलाव कितने समय तक कायम रहेगा। समाजसेवा का मूल्यांकन सिर्फ इस आधार पर नहीं होना चाहिए कि कितने लोगों तक मदद पहुंची या कितनी रकम खर्च हुई। यह देखना भी जरूरी है कि मदद से वास्तविक और लंबे समय तक बने रहने वाला फायदा हुआ या नहीं।’ ट्रस्ट ने 2026 से 2031 के लिए पांच साल की स्वास्थ्य योजना तैयार की है। इसके तहत करीब 75 ब्लॉक में 25 लाख लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने और 100 से अधिक सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि संस्था उन परिवारों की मदद जारी रखेगी, जो गंभीर बीमारी के कारण आर्थिक संकट का सामना करते हैं। इसके साथ ही कैंसर के इलाज की सुविधाओं को लोगों के घरों के करीब पहुंचाने के लिए विकेंद्रीकृत कैंसर देखभाल व्यवस्था का विस्तार किया जाएगा।
बनेंगे बेहतर संस्थान
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार भारत को ऐसे और संस्थानों की जरूरत है, जो युवाओं की प्रतिभा को निखारें और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दें। उन्होंने कहा कि टाटा ट्रस्ट राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों को विकसित करने में पहले भी भूमिका निभाता रहा है और आगे भी ऐसा करता रहेगा। जरूरत पड़ने पर दूसरे परोपकारी संगठनों और समान सोच रखने वाली संस्थाओं के साथ साझेदारी भी की जा सकती है। इस क्रम में उन्होंने भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (TIFR) और टाटा मेमोरियल अस्पताल का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों का निर्माण इस सोच को दिखाता है कि समाज के लिए ऐसे संस्थान खड़े किए जाएं, जो लंबे समय तक लोगों की जरूरतों को पूरा कर सकें। टाटा ट्रस्ट भविष्य में भी इसी तरह के संस्थानों को बढ़ावा देने और देश में प्रतिभाशाली लोगों के लिए बेहतर अवसर तैयार करने पर ध्यान देगा।
