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संस्कृत फिल्म Yaanam में ड्रीम प्रोजेक्ट मंगलयान का चित्रण

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। ‘यानम’ भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में भारतीय पैनोरमा खंड के तहत प्रदर्शित एक गैरफीचर फिल्म थी। यह पूर्व अंतरिक्ष अध्यक्ष पद्म भूषण डॉ. के. राधाकृष्णन की आत्मकथात्मक पुस्तक ‘माई ओडिसी: मेमोयर्स ऑफ द मैन बिहाइंड द मंगलयान मिशन’ (My Odyssey: Memoirs of the Man Behind the Mangalyaan Mission) पर आधारित है।

संस्कृत की पहली फिल्म

यह फिल्म भारत के ड्रीम प्रोजेक्ट मंगलयान मिशन को चित्रित करती है। यह विश्व सिनेमा के इतिहास में संस्कृत भाषा में पहली विज्ञान वृत्तचित्र है। यह भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की क्षमता और विशेषज्ञता, अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के महत्वपूर्ण योगदान और संस्कृत भाषा के महत्व को दर्शाती है कि कैसे भारत ने पहले ही प्रयास में एक कठिन अंतर्ग्रहीय यात्रा को पार कर एक शानदार जीत हासिल की।

4 राज्यों में हुई शूटिंग

फिल्म के निर्माता एवी अनूप ने इसरो के साथ काम करने के अनुभव के बारे में बताते हुए कहा-हमने पत्र लिखकर इसरो से अनुमति मांगी थी। वर्तमान अध्यक्ष डॉ. एस सोमनाथ ने मंजूरी दी। हमने 4 दक्षिणी राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर फिल्म की शूटिंग की है- केरल में विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र, आंध्र प्रदेश में श्रीहरिकोटा, कर्नाटक में इसरो मुख्यालय और तमिलनाडु में सबसे पुरानी वेधशाला। हमें हर जगह शूटिंग करने की इजाजत थी।

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