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Poshan Pakhwara: पौष्टिक व्यंजन प्रदर्शनी तथा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

Poshan Pakhwara: पौष्टिक व्यंजन प्रदर्शनी तथा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

जन भागीदारी के माध्यम से ही कुपोषण को दूर करना संभव-उप निदेशक सीता शर्मा

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। केंद्र सरकार द्वारा 09 से 23 अप्रैल तक मनाए जा रहे 8वां पोषण पखवाड़ा (Poshan Pakhwara) के अंतर्गत सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के केंद्रीय संचार ब्यूरो, क्षेत्रीय कार्यालय कोटा द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग, कोटा के सहयोग से आज लक्की बुर्ज सेंटर, कोटा पर पौष्टिक व्यंजन प्रदर्शनी एवं रंगोली तथा जागरूकता कार्यक्रम एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस मौके पर महिला एवं बाल विकास विभाग की उपनिदेशक सीता शर्मा ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के शारीरिक मानसिक विकास की पहली पाठशाला है। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी के माध्यम से कुपोषण को दूर किया जा सकता है। साथ ही स्वस्थ खान पान के प्रति जागरूकता फैलाना भी जरूरी हैं। महिलाओं एवं बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने में सभी कार्यकर्त्ता अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा हर वर्ष पोषण पखवाड़ा राष्ट्रव्यापी अभियान जन आंदोलन के माध्यम से पोषण, खेल-आधारित शिक्षा और स्वस्थ आहार के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए आयोजित किया जाता है।

पोषण पखवाड़ा: 0 से 6 साल बड़ा लक्ष्य

इस अवसर पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सहायक निदेशक रामेश्वर लाल मीणा ने बताया कि पोषण पखवाड़ा का मुख्य उद्देश्य जीवन के पहले छह वर्षों में बच्चों के मस्तिष्क के विकास को अधिकतम करना है। उन्होंने कहा कि जीवन के पहले 1000 दिनों एवं 0 से 6 वर्ष की आयु में मस्तिष्क का 85 प्रतिशत से अधिक विकास होता है, जिसके लिए संतुलित पोषण, संवेदनशील देखभाल एवं प्रारंभिक सीख अत्यंत आवश्यक है। इस अवसर पर बाल विकास परियोजना अधिकारी आलोक शर्मा ने कहा कि पोषण अभियान (राष्ट्रीय पोषण मिशन) भारत सरकार का एक प्रमुख कार्यक्रम है, जिसे 8 मार्च 2018 को कुपोषण, बौनापन, एनीमिया और कम वजन की समस्या को कम करने के लिए शुरू किया गया था। यह बच्चों, किशोरियों और गर्भवती महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार के लिए तकनीक, जन भागीदारी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मजबूत बनाकर एक समग्र दृष्टिकोण अपनाता है। इस अभियान का उद्देश्य 3-6 वर्ष के बच्चों के लिए खेल-आधारित शिक्षा और स्क्रीन टाइम कम करना है।

पोषण पखवाड़ा: प्रतिभागियों ने बनायी रंगोली

कार्यक्रम के अंत में पोषण पखवाड़ा पर आधारित मौखिक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विजेताओं को विभाग की ओर से पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पौष्टिक व्यंजन प्रदर्शनी लगा कर एवं रंगोली बनाकर पोषण के महत्व का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का संचालन क्षेत्रीय प्रचार सहायक प्रेम सिंह यादव ने किया। कार्यक्रम में महिला पर्यवेक्षक सावित्री विजय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संतोष, निशा सैनी, तीजा महावर, रचना सोनी, सरोज श्रीवास्तव, मंजू महावर, सहायिका शकुंतला सैनी, मेंटर टीचर श्रीमती रेखा सहित महिलाओं एवं बच्चों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

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