स्वस्थ भारत मीडिया
समाचार / News

CCRAS-CARI ने दिल्ली में ओपीडी सुविधा का शुभारंभ किया

CCRAS-CARI ने दिल्ली में ओपीडी सुविधा का शुभारंभ किया

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। आयुर्वेद में अनुसंधान के लिए केंद्रीय परिषद (CCRAS) के केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान (CARI) ने दिल्ली के रोहिणी में एक ओपीडी सुविधा का उद्घाटन किया। इस सुविधा का उद्देश्य रोहिणी और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और साक्ष्य-आधारित आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता को और सुदृढ़ करना है। प्रो. (वैद्य) रबिनारायण आचार्य, महानिदेशक, सीसीआरएएस ने वरिष्ठ अधिकारियों और गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में इस सुविधा का उद्घाटन किया।

जनता के लिए सुलभ

समारोह को संबोधित करते हुए प्रो. (वैद्य) रबिनारायण आचार्य ने साक्ष्य-आधारित आयुर्वेद की पहुँच का विस्तार करने और गुणवत्तापूर्ण आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवाओं को आम जनता के लिए अधिक सुलभ बनाने के प्रति सीसीआरएएस की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने नैदानिक सेवाओं को सुदृढ़ करने तथा संस्थागत और पहुँच-विस्तार संबंधी पहलों के माध्यम से समुदायों तक आयुर्वेद के लाभ पहुँचाने के महत्व पर जोर दिया। डॉ. हेमंत पाणिग्रही, संस्थान प्रभारी, सीएआरआई ने स्वागत भाषण दिया, जबकि डॉ. एन. श्रीकांत, उप महानिदेशक, सीसीआरएएस ने समुदाय स्तर पर साक्ष्य-आधारित आयुर्वेदिक नैदानिक सेवाओं के विस्तार के महत्व पर प्रकाश डाला। दीपक कोचर, उप निदेशक (प्रशासन), सीसीआरएएस और श्री एम. शिवकुमार रेड्डी, अधीक्षण अभियंता, सीपीडब्ल्यूडी ने सुविधा के प्रशासनिक और बुनियादी ढाँचे से संबंधित पहलुओं पर अपने विचार रखे।

आयुष मंत्रालय की पहल

नई विस्तारित ओपीडी रोहिणी और आसपास के क्षेत्रों के निवासियों को सुलभ आयुर्वेदिक बाह्य रोगी सेवाएँ प्रदान करेगी। इससे सीएआरआई, नई दिल्ली की नैदानिक सेवाओं की पहुँच को सुदृढ़ करने तथा साक्ष्य-आधारित आयुर्वेद को समुदाय के और करीब लाने में मदद मिलेगी। यह पहल आयुष मंत्रालय द्वारा आयुष स्वास्थ्य सेवा तंत्र को सुदृढ़ करने, संस्थागत स्वास्थ्य सेवा अवसंरचना का विस्तार करने और चिकित्सा की पारंपरिक प्रणालियों को नागरिकों के लिए अधिक सुलभ बनाने के निरंतर प्रयासों के अनुरूप है। ऐसी पहुँच-विस्तार संबंधी सुविधाएँ आयुर्वेद की साक्ष्य-आधारित पद्धतियों को सुलभ और समुदाय-केंद्रित स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने की व्यापक व्यवस्था में एकीकृत करने के उद्देश्य को भी समर्थन देती हैं। यह राष्ट्रीय राजधानी में आयुर्वेदिक नैदानिक सेवाओं के नेटवर्क को सुदृढ़ करने तथा सभी के लिए सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और साक्ष्य-आधारित आयुष स्वास्थ्य सेवा के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने की दिशा में एक और कदम है।

Related posts

तैयार रहें चीन के नये जानलेवा वायरस से

admin

चमत्कार : लंबी सर्जरी से जुड़ सकी तीन अंगुलियां और कटा अंगूठा

admin

Study : प्रसव के बाद महिलाओं में लंबे समय तक समस्या

admin

Leave a Comment