इसका उद्देश्य भावी डॉक्टरों को प्रशिक्षित करना और कैंसर से जूझ रही महिलाओं को आशा प्रदान करना था।
नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। भुवनेश्वर से एक प्रेरक खबर है जो बताती है कि आज भी समाज में नेकी और परोपकारिता जीवित है। खबर यह है कि अपने 100वें जन्मदिन से कुछ दिन पहले प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. के. लक्ष्मीबाई ने महिलाओं के कैंसर उपचार के लिए अपनी जीवन भर की बचत से 3.4 करोड़ रुपये एम्स भुवनेश्वर को दान कर दिया। वह 5 दिसंबर को अपना 100वां जन्मदिन मनाएँगी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक डॉ. लक्ष्मी ने कहा कि उनकी विनम्र इच्छा है कि उनके योगदान से संस्थान को स्त्री रोग संबंधी ऑन्कोलॉजी कार्यक्रम स्थापित करने में मदद मिलेगी, जिससे भविष्य के चिकित्सकों को आकार मिलेगा और अनगिनत महिलाओं को आशा मिलेगी।
मिसाल: पांच दशक लंबी सेवा
डॉ. लक्ष्मी की चिकित्सा यात्रा पाँच दशकों से भी ज़्यादा लंबी है। उन्हें न केवल उनकी नैदानिक उत्कृष्टता के लिए, बल्कि सुलभ और सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवा के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए भी जाना जाता है। उनका जन्म 5 दिसंबर, 1926 को हुआ। वह 1945 में कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज के पहले एमबीबीएस बैच में थीं। 1950 में उन्होंने डिग्री पूरी की। उन्होंने 1958 में मद्रास मेडिकल कॉलेज से प्रसूति एवं स्त्री रोग में डीजीओ और एमडी दोनों अर्जित कर अपनी विशेषज्ञता को और निखारा। उनकी प्रतिभा ने उन्हें अमेरिका के बाल्टीमोर में जॉन्स हॉपकिन्स अस्पताल में एमपीएच करने के लिए एक प्रतिष्ठित एक वर्षीय वजीफा दिलाया। उन्होंने पहली बार 1950 में सुंदरगढ़ के सरकारी अस्पताल में सेवा की और 1986 में एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज, बरहामपुर में ओ एंड जी के प्रोफेसर के रूप में सेवानिवृत्त हुईं। उन्हें कई प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुए हैं, जिनमें दक्षिण ओडिशा की महिला प्रतिष्ठा, भारत ज्योति पुरस्कार, अंतर्राष्ट्रीय मैत्री सोसायटी और भारत का सर्वश्रेष्ठ नागरिक पुरस्कार शामिल हैं।
