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Study : कोविड वैक्सीन से बढ़ी पीरियड्स से जुड़ी परेशानियां

अजय वर्मा

नयी दिल्ली। कम उम्र के लोगों की हर्ट फेल से मौत की खबरें आजकल आने लगी हैं जो चिंता का विषय है। आशंका है कि यह कोरोना वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स के कारण है। वैसे यह दावा पुष्ट नहीं हुआ है क्योंकि इस पर कोई स्टडी नहीं हुई है। हां, यह माना जा सकता है कि वैक्सीन की वजह से बढ़ी महिलाओं में पीरियड्स से जुड़ी परेशानियां बढ़ी हैं। स्टडी में इस बात का खुलासा भी हुआ है।

अमेरिका में हुआ रिसर्च

अमेरिका के ओरेगन हेल्थ एंड साइंस यूनिवर्सिटी की एक रिसर्च में यह कहा गया है कि टीकाकरण के बाद से महिलाओं में पीरियड्स से जुड़ी परेशानियां बढ़ गयी हैं। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की अगुवाई में यह स्टडी हुई है, जिसमें 20 हजार से ज्यादा लोगों का डेटा लिया गया था। स्टडी में पाया गया कि इसकी वजह से महिलाओं में पीरियड देर से हो रहा है। पीरियड साइकिल में लगभग 8 दिनों का अंतर मिला है।

दवा कंपनियों ने भी किया शोध

कोरोना वैक्सीन बनाने वाली कंपनी फाइजर-बायोएनटेक ने भी इसको लेकर एक शोध किया था जिसमें यह पाया गया कि वैक्सीन की वजह टीनऐज लड़कियों पर भी गंभीर प्रभाव देखने को मिले हैं। इसमें पीरियड्स में देरी और पीरियड्स साइकिल बिगड़ना आदि शामिल हैं। पीरियड्स के दौरान ब्लीडिंग और दर्द के मामले भी बढ़े हैं। हालांकि ये लक्षण बहुत लंबे समय तक नहीं देखे गए हैं। कुछ में ऐसी परेशानियां वैक्सीन लगवाने के एक महीने बाद शुरू हुई हैं और कुछ में दो से तीन महीने बाद।

परेशानी के कई अन्य कारण भी

वैज्ञानिकों के अनुसार कुछ महिलाओं में वैक्सीन की वजह से हॉर्माेन रेगुलेट करने वाला सिस्टम प्रभावित होता है। दूसरे, पीरियड्स में देरी खानपान में असंतुलन, खराब जीवनशैली और स्वास्थ्य से जुड़ी स्थितियों के कारण भी हो सकती है। शोधकर्ताओं ने कहा है कि कोरोना वैक्सीन लगवाने के बाद कुछ एहतियात का ध्यान रखने से ऐसी परेशानियों की चपेट में आने से बचा जा सकता है।

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