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Zap-x : नयी तकनीक से ब्रेन सर्जरी हुआ और आसान

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। ब्रेन सर्जरी वो भी सिर्फ 30 मिनट में…ये है विज्ञान का चमत्कार और यह अब भारत में भी उपलब्ध है। ऐसा इलाज संभव है एक ऐसी अत्याधुनिक तकनीक से जिसे पूरे दक्षिण एशिया में पहली बार अपोलो हॉस्पिटल्स ने लॉन्च किया है।

न दर्द और न सर्जरी

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 30 मिनट के सेशन में मरीज को इस प्रक्रिया के तहत न कोई दर्द और न किसी तरह का दुष्प्रभाव होने वाला है। जैप एक्स नाम की ये तकनीक सीधे तौर पर ट्यूमर को तोड़ने का काम करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ये तकनीक आने वाले दिनों में ब्रेन ट्यूमर के इलाज में बड़ा बदलाव लाएगी। ये तकनीक सीधे ट्यूमर पर विकिरण को सटीक रूप से केंद्रित करती है। मस्तिष्क स्टेम, आंखों और ऑप्टिक तंत्रिकाओं का विकिरण से बचाव भी करती है। डॉक्टरों के मुताबिक ये तकनीक प्राथमिक और मेटास्टैटिक ब्रेन ट्यूमर, आर्टेरियोवेनस मैलफॉर्मेशन (AVM), ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया, पार्किंसंस रोग, मिर्गी और अन्य इंट्राकैनियल घावों जैसे मेनिंगियोमास, ध्वनिक न्यूरोमास और पिट्यूटरी एडेनोमास जैसे विकारों के इलाज में सक्षम है।

ऑपरेशन के दिन ही मरीज की घरवापसी

इस तकनीक में मरीजों की सुरक्षा के साथ दर्द रहित और कम समय लगता है। सर्जरी के बदले पिनपॉइंट सटीकता रहती है। इसने कम से कम दुष्प्रभावों के साथ प्रभावी नियंत्रण और सुरक्षा के लिए बीते 10 वर्षों में 95 फीसद से अधिक नियंत्रण दर प्राप्त की है। छोटे ट्यूमर के मामलों में बीते पांच साल में इसने 99.4 फीसद नियंत्रण दर हासिल की है। आमतौर पर ट्यूमर का ऑपरेशन करीब तीन से चार घंटे तक चलता है। एक ही दिन में उपचार और मरीज की घर वापसी भी संभव है। पांरपरिक सर्जरी में ऑपरेशन के करीब चार से सात दिन बाद तक अस्पताल में रुकना होता है। नई तकनीक के लिए मरीज को एनेस्थीसिया की जरूरत भी नहीं पड़ती है।

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