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बरसात में Dengue का कहर, बिहार में चार सौ से अधिक मरीज

पटना/नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। पटना और बिहार के अन्य जिलों में बरसात के साथ ही डेंगू मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। अब तक चार सौ से अधिक डेंगू मरीज मिल चुके हैं। इसमें सबसे ज्यादा पटना के हैं। राजधानी के पाटलिपुत्र, बांकीपुर, पटना सिटी, अजिमाबाद, कंकड़बाग और संपतचक मोहल्ले में इसका प्रकोप ज्यादा है। इसके अलावा गया, मुजफ्फरपुर, नालंदा, वैशाली, सारण, खगड़िया और नवादा में भी उेंगू के मरीज मिल रहे हैं। वैसे स्वास्थ्य विभाग और पटना नगर निगम का दावा है कि प्रभावित इलाकों में एंटी लार्वा स्प्रे का छिड़काव किया जा रहा है। बिहार के अलावा झारखंड, यूपी, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश आदि राज्यों से भी डेंगू के फैलने की सूचना आ रही है।

Paracetamol  का सेवन घातक

कोरोना के बाद से पैरासिटामोल का सेवन बढ़ गया है। जरा सी हरारत, थकान आदि महसूस होते ही लोग बिना डॉक्टर की सलाह के पैरासिटामोल खा लेते हैं। एक्सपर्ट बताते हैं कि इसका सीधा असर लिवर पर पड़ता है जो पूरी बॉडी को स्वस्थ रखने वाला महत्वपूर्ण अंग है। संयुक्त राज्य अमेरिका और लंदन में लिवर की फेल होने का सबसे आम कारणों में से एक पैरासिटामोल है। एक्सपर्ट कहते हैं कि एक दिन में 2-3 पैरासिटामोल की गोलियां खाई जा सकती हैं लेकिन हर खुराक आधी गोली की होनी चाहिए।

बिना सर्जरी दिल की बीमारी का हुआ उपचार

इंदौर के केयर सीएचएल हॉस्पिटल के डॉक्टर मनीष पोरवाल ने दिल की कृत्रिम माइट्रल वाल्व को आधुनिक तकनीक से बिना सर्जरी के इंप्लांट कर दिया है। यह मध्य भारत का पहला केस है। 72 वर्षीय मरीज गत आठ साल से दिल की गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। 2016 में उनकी बायपास सर्जरी और माइट्रल वाल्व रिप्लेसमेट हो चुका है। पिछले कुछ महीनों से उनकी कृत्रिम वाल्व से रिसाव शुरू हो गया था। ऐसे में डॉ. पोरवाल ने दूसरी सर्जरी करने की बजाय आधुनिक केथेटर पद्धति से ह्दय के कृत्रिम माइट्रल वाल्व में नया वाल्व सेट कर दिया। इसके लिए सिर्फ 4 MM का सुराख बनाना पढ़ा।

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