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महावीर वात्सल्य हार्ट अस्पताल ने किया कमाल
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सर्जरी में चिकित्सकों को लगा 10 घंटे का समय
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बाहर में 10 से 12 लाख खर्च, तो यहां दो लाख रुपए खर्च
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सर्जरी में बेनटॉल तकनीक का किया गया इस्तेमाल
पटना (स्वस्थ भारत मीडिया)। महावीर मंदिर द्वारा संचालित महावीर वात्सल्य हार्ट हॉस्पिटल में चिकित्सकों ने अनुवांशिक दिल की बीमारी मारफैन सिंड्रोम से पीड़ित 18 साल के युवक की बेनटॉल तकनीक से सफल सर्जरी की है। इस सर्जरी को काफी जटिल माना जाता है। इसके बाद हार्ट ट्रांसप्लांट ही इलाज है। इस सर्जरी में करीब 10 घंटे का समय लगा।
मारफैन सिंड्रोम : न्यूनतम खर्च में सर्जरी
जानकारी के अनुसार बिहार में एक बड़े प्राइवेट अस्पताल के अलावा इसकी सुविधा कहीं नहीं है।प्राइवेट में इस सर्जरी का खर्च 10 से 12 लाख रुपए आता है जबकि महावीर वात्सल्य हॉस्पिटल में इसका खर्च 1.80 लाख से दो लाख रुपए आता है। छपरा का रहने वाला 18 साल अभिषेक दो साल से बेड़ पर पड़ा हुआ था। उसको सांस लेने में दिक्कत, सांस फूलने की शिकायत, चलने में परेशानी, बेहद कमजोरी आदि की परेशानी थी। स्थानीय स्तर पर इलाज भी कराया गया पर परेशानी जस की तस बनी रही। अंत में उसके परिजन महावीर वात्सल्य अस्पताल लेकर आए। चिकित्सकों ने जांच की तो पता चला कि अभिषेक मारफैन नामक गंभीर बीमारी से पीड़ित है। इसका इलाज एकमात्र सर्जरी ही है। चिकित्सकों ने इस सर्जरी की जटिलता की जानकारी परिजन को दी। उनकी सहमति से फिर सर्जरी की गई।
मारफैन सिंड्रोम : दिल की अनुवांशिक बीमारी
सर्जरी के दौरान हॉर्ट को हॉर्ट लंग मशीन पर रखा गया था। पांच दिन तक वेंटिलेटर और आईसीयू में रखना पड़ा। अब तो अभिषेक को अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई है। अस्पताल के निदेशक डॉ. राजीव रंजन प्रसाद ने बताया कि यह जटिल सर्जरी थी क्योंकि यह गंभीर बीमारी है। इसमें हॉर्ट से निकलने वाली मुख्य नली (एरोटा) फूलकर फटने के कगार पर थी। मरीज दो साल से बेड़ पर पड़ा हुआ था। वैसे महावीर वात्सल्य हॉस्पिटल में कैथ लैब से लेकर तमाम सुविधाएं उपलब्ध हैं। हॉर्ट से संबंधित सभी बीमारियों का इलाज अब यहां संभव हो गया है। अपने जीवन काल में इसके संस्थापक आचार्य किशोर कुणाल यहां जटिल और गंभीर सर्जरी करने पर जोर दिया करते थे। उनकी इच्छा के अनुरूप ही महावीर वात्सल्य में गंभीर और जटिल हॉर्ट सर्जरी को नियमित विशेषज्ञ चिकित्सक अंजमा दे रहे हैं। इससे हॉर्ट के मरीजों को कम खर्च में इलाज की सुविधा मिल रही है। यह सर्जरी वरीय सर्जन डॉ.कुणाल कृष्णा के नेतृत्व में की गई। डॉ. कुणाल इससे पहले पटना एम्स में कार्यरत थे। इनके टीम डॉ. कुणाल कृष्णा के अलावा डॉ. ललित झा, स्वरूप दत्ता, रवि श्रीवास्तव, अनिमेश दिवाकर, विश्वजीत, इंदु, निशा, प्रेम, अभय, रोहित आदि शामिल हैं।
