अंशु कुमार दास
नयी दिल्ली। दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) ने महिलाओं को होने वाले सर्वाइकल कैंसर का पता लगाने के लिए एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। एम्स ने इसकी शुरुआती जांच के लिए एक नई एचपीवी टेस्टिंग किट लॉन्च की है। यह किट बाजार में मिलने वाले अन्य एचपीवी टेस्टिंग किट से ज्यादा सस्ती और प्रभावी है।
टेस्टिंग किट: कीमत में भी कम
हाल ही राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान अकादमी (भारत) की उपाध्यक्ष व एम्स के गायनेकोलॉजी विभाग की पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. नीरजा भाटला ने इस किट की लॉन्चिंग पर कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़े बताते हैं कि सर्वाइकल कैंसर से विश्व भर में ग्रसित पांच महिलाओं में एक भारतीय है। वैश्विक स्तर पर सर्वाइकल कैंसर से होने वाली मौतों में भारत नंबर वन पर आता है। डॉ. भाटला ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग के लिए विजुअल इंस्पेक्शन विद एसिटिक एसिड (VIA), पैप स्मीयर टेस्ट और एचपीए डीएनए टेस्टिंग जैसी कई टेकनोलॉजी वर्तमान में मौजूद हैं। लेकिन यह सभी चीजें काफी महंगी पड़ती है, इसलिए आम आदमी की पहुंच से बाहर हैं। एम्स द्वारा विकसित की गई एचपीवी टेस्टिंग किट काफी सस्ती है।
टेस्टिंग किट की खास बातें
- बाजार में उपलब्ध अन्य टेस्ट की तुलना में कम कीमत। ग्रामीण भारत और निम्न आय वर्ग की महिलाओं के लिए लाभप्रद।
- सटीकता अंतरराष्ट्रीय मानकों के समान ही।
- इस्तेमाल में आसान। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी इसका इस्तेमाल आसानी से संभव।
बचाव के तरीके
- एचपीवी की वैक्सीन लगवाएं।
- नियमित पैप स्मीयर टेस्ट कराएं।
- धूम्रपान और शराब का सेवन छोड़ें।
- सुरक्षित यौन संबंध बनाएं।
- डायट में हरी सब्जियां और फल, अखरोट, बादाम और फाइबर युक्त भोजन लें।
- वजन को नियंत्रण में रखें।
- हाइजीन का ध्यान रखें।
- तनाव से दूर रहें।
- नियमित व्यायाम करें।
- डॉक्टर से नियमित चेकअप कराएंं। (साभार)
