नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (IDY) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व भर के नागरिकों से समग्र स्वास्थ्य और जोशपूर्ण जीवन के लिए योग को अपनाने की अपील की। वे मन की बात के 122वें एपिसोड को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग दिवस के प्रति उत्साह लगातार बढ़ रहा है। यह योग दिवस की शुरुआत के बाद से ही लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि इस अवसर को वे विशाखापत्तनम में मनाऐंगे।
योग : आंध्र से शुरुआत
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने आंध्र प्रदेश के प्रयासों की सराहना की जहाँ योग आंध्र अभियान की शुरुआत की गई है जिसका उद्देश्य राज्य में योग संस्कृति विकसित करना है। इस अभियान का उद्देश्य 10 लाख नियमित योग अभ्यासकर्ताओं का एक समूह बनाना है। यह दर्शाता है कि कैसे राज्य स्वास्थ्य क्रांति में अग्रणी भूमिका निभा सकते हैं। योग में बढ़ती कॉरपोरेट भागीदारी की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे कॉरपोरेट भी इसमें पीछे नहीं हैं। कुछ संस्थानों ने अपने कार्यालयों में योग अभ्यास के लिए अलग से स्थान निर्धारित किया है। कुछ स्टार्ट-अप ने ‘कार्यालय में योग का समय’ तय किया है। उन्होंने कहा कि यह सकारात्मक संकेत है कि निजी क्षेत्र किस तरह देश के स्वास्थ्य आंदोलन में योगदान दे रहा है।
योग : 10 महत्वपूर्ण कार्यक्रम
मालूम हो कि योग दिवस समारोह के एक दशक पूरे होने और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के 11वें संस्करण के उपलक्ष्य में आयुष मंत्रालय ने 10 महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए हैं। इन पहलों का उद्देश्य विविध सामाजिक और व्यावसायिक परिवेशों में योग की पहुंच और प्रासंगिकता को व्यापक बनाना है। इनमें से योग संगम में पहले से ही 6,000 से अधिक संगठनों ने कार्यक्रमों की मेजबानी के लिए पंजीकरण कराया है। इससे यह देश के इतिहास में सबसे बड़े समुदाय-संचालित कल्याण कार्यक्रमों में से एक बन गया है। युवा-केंद्रित योग अनप्लग्ड तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इसमें अग्रणी संस्थान अगली पीढ़ी के अभ्यासकर्ताओं को प्रेरित करने के लिए आगे आ रहे हैं। इस बीच, समयोग-एक अभूतपूर्व पहल-आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी, सिद्ध, प्राकृतिक चिकित्सा और सोवा रिग्पा सहित मुख्यधारा की स्वास्थ्य सेवा प्रणालियों में साक्ष्य-आधारित योग को एक करने का प्रयास करती है।
