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Relief : 33 जीवनरक्षक दवाओं पर अब जीरो GST

Relief : 33 जीवनरक्षक दवाओं पर अब जीरो जीएसटी

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। भारत सरकार ने जीएसटी दरों में जो सुधार किया है, उसके प्रभाव से 33 जीवनरक्षक दवाएं टैक्स फ्री होंगी तो कई दवाओं और थर्मामीटर, आक्सीजन, ग्लूकोमीटर, सर्जरी, दांतों के इलाज में काम आने वाले कई उपकरणों पर भी 18 प्रतिशत की जगह 5 प्रतिशत जीएसटी लगेगा। इससें स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी और तीमारदारों के खर्च कम होंगे। इसके अलावा हेल्थ इंस्योंरेस भी जीएसटी फ्री हो गया है जिससे प्रीमियम घटेगा। फैसले के मुताबिक जिन दवाओं पर 12 फीसद जीएसटी लगता था, वह घटकर 5 फीसद हो गया है। दुर्लभ जेनेटिक बीमारियों और ऑटोइम्यून डिसऑर्डर जैसी गंभीर स्थितियों में दी जाने वाली दवा पर पहले 5 फीसद जीएसटी था लेकिन वह अब टैक्स फ्री होगा। इसका सीधा लाभ उन मरीजों को मिलेगा जो इन दवाओं पर निर्भर हैं।

इन दवाओं पर राहत

कैंसर की दवाएं: Daratumumab (मल्टीपल मायलोमा), Alectinib (लंग कैंसर), Obinutuzumab (ब्लड कैंसर), Polatuzumab vedotin (लिम्फोमा), Entrectinib, Atezolizumab, Tepotinib, Avelumab (सॉलिड ट्यूमर, ब्लैडर और स्किन कैंसर)।
रेयर डिजीज की दवाएं: Velaglucerase Alpha (गौचर डिजीज), Alglucosidase Alfa (पॉम्पे डिजीज), Emicizumab (हेमोफिलिया)।
अन्य महंगी दवाएं: Agalsidase Beta, Imiglucerase, Eptacog alfa सहित कई अन्य दवाएं जो पहले 5 प्रतिशत या 12 प्रतिशत GST के दायरे में थीं, अब इन सभी दवाओं पर शून्य GST लागू होगा, जिससे उनकी कीमतों में सीधा अंतर आएगा। इन दवाओं की कीमतें पहले से ही लाखों में थीं और GST हटने से हर महीने हजारों रुपये की बचत संभव है। मसलन Daratumumab पर 24 हजार, Alectinib पर 18 हजार, Osimertinib पर 16 हजार 200 की अनुमानित बचत होगी। अगर कोई मरीज इन दवाओं पर निर्भर है, तो उनके महीने का मेडिकल बिल में 15 से 50 हजार तक की बचत हो सकती है। कुछ मामलों में यह बचत सालाना लाखों रुपये तक पहुंच सकती है।

ये दवाएं जीएसटी शून्य

Agalsidase Beta, Imiglucerase, Eptacog alfa activated recombinant coagulation factor VIIa, Onasemnogene abeparvovec, Asciminib, Mepolizumab, Pegylated Liposomal Irinotecan, Daratumumab, Daratumumab subcutaneous, Teclistamab, Amivantamab, Alectinib, Risdiplam, Obinutuzumab, Polatuzumab vedotin, Entrectinib, Atezolizumab, Spesolimab, Velaglucerase Alpha, Agalsidase Alfa, Rurioctocog Alpha Pegol, Idursulphatase, Alglucosidase Alfa, Laronidase Olipudase Alfa, Tepotinib, Avelumab, Emicizumab, Belumosudil, Miglustat, Velmanase Alfa, Alirocumab, Evolocumab, Cystamine Bitartrate और CI-Inhibitor injection and Inclisiran। GST हटाने से कई तरह के लाभ मिलेंगे। मसलन दवाएं सस्ती और सुलभ होंगी,
मरीजों को समय पर इलाज होगा, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को खर्च कम करने होंगे और इस सबसे स्वास्थ्य क्षेत्र में सकारात्मक सामाजिक बदलाव आयेगा। यानी जब इलाज सस्ता होगा, तो ज्यादा लोग समय पर मेडिकल सर्विस ले सकेंगे, जिससे उनकी लाइफ क्वालिटी बेहतर होगी।

बीमा पॉलिसी में भी लाभ

इसी तरह हेल्थ बीमा पॉलिसी में भी लाभ मिलेगा। पहले इसके प्रीमियम पर 18 प्रतिशत तक जीएसटी देना पड़ता था जो अब नहीं लगेगा, जिससे प्रीमियम की कुल लागत कम हो जाएगी। एक टैक्स एक्सपर्ट कहते हैं कि 30 साल का कोई व्यक्ति अगर अपने लिए 10 लाख का हेल्थ इंश्योरेंस लेता है तो उसे सालाना करीब 15 हजार रुपए खर्च करने पड़ते हैं। 18 प्रतिशत जीएसटी खत्म होने के बाद अब उसे सालाना 2700 रुपए तक की बचत होगी। इससे लोगों में हेल्थ बीमा पॉलिसी के प्रति उत्साह बढ़ेगा।

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