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चार भारतीय कफ सिरप के इस्तेमाल पर WHO-FDA की पाबंदी

चार भारतीय कफ सिरप के इस्तेमाल पर WHO-FDA की पाबंदी

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। जहरीले कफ सिरप से हुई बच्चों की मौत का सिलसिला थमने के बाद न्र्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ने तीन कफ सिरप को लेकर चेतावनी जारी की है जबकि एफडीए ने चार के नाम बताए हैं। इनके सेवन से नुकसान हो सकता है और किडनी व लिवर डैमेज भी हो सकते हैं।

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सिरप: FDA ने भी किया बैन

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार विश्व स्वास्थ्य संगठन ने तीन कफ सिरप को पांच साल से कम उम्र के बच्चों के लिए प्रतिबंधित कर दिया है और अधिकारियों को कहा है कि अपने देश में अगर इनकी बिक्री होते पाए तो उसे बंद करवाएं। इन कफ सिरप के अंदर एक केमिकल की मात्रा कई गुना ज्यादा पाई गई, जो कुछ ही दिन में लिवर और किडनी तक डैमेज कर सकते हैं। यह बच्चों से लेकर वयस्कों तक के लिए भी नुकसानदायक हो सकता है, इसलिए वो भी पीने से बचें। यू.एस. फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन भी इन कफ सिरप को लेकर चेतावनी जारी कर चुका है। उसने बताया कि भारत की हेल्थ अथॉरिटी ने जानकारी दी है कि इन कफ सिरप में डाइथिलीन ग्लाइकोल और एथिलिन ग्लाइकोल नाम के बच्चों के लिए खतरनाक केमिकल हैं। साथ ही इनकी मात्रा भी बहुत ज्यादा है।

सिरप: बचें इन सिरप से

जिन सिरप को प्रतिबंधित किया गया है वे हैं—Sresan Pharmaceuticals का Coldrif, Shape Pharma Pvt. Ltd. का Re-Life Syrup और Rednex Pharmaceuticals Pvt. Ltd. का Respifresh-TR​। ​FDA के मुताबिक भारत में एक चौथा सिरप भी बच्चों के लिए नुकसानदायक देखा जा रहा है। हालांकि इसमें ये केमिकल नहीं पाया गया है। यह Kaysons Pharma Ltd. द्वारा बनाया गया Dextromethorphan Hydrobromide Syrup है। FDA के मुताबिक डाइथिलिन ग्लाइकोल और एथिलिन ग्लाइकोल केमिकल की पॉइजनिंग एनर्जी में कमी, पेट दर्द, उल्टी, डायरिया जैसे आम लक्षण से शुरू होती है। गंभीर होने के बाद सांस फूलना, तेज तेज सांस चलना और कोमा हो सकता है। कुछ दिनों में इसकी वजह से किडनी फेलियर, लिवर डैमेज, ब्रेन और नर्वस सिस्टम इंजुरी या मौत भी हो सकती है।

सिरप : जानिए डाइथिलिन ग्लाइकोल को

एक्सपर्ट बताते हैं कि कफ सिरप में मौजूद डाइथिलीन ग्लाइकोल एक रसायन है। यह कारों के एंटीफ्रीज या पेंट बनाने के लिए इस्तेमाल होता है और यह केमिकल जहरीला है। यह दवा के घटिया या मिलावटी कच्चे माल में इस्तेमाल होता है। कोल्डरिफ की जांच में तो यह तत्व 48.6 फीसद मिला था।

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