नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। विभिन्न शहरों में जनऔषधि (Jan aushadhi) केंद्र खोलने के लिए जीरो डिस्टेंसिंग पॉलिसी में बदलाव कर दिया गया है। नए आदेश के मुताबिक सात मेट्रोपॉलिटन शहरों में अब 500 मीटर यानी आधा किलोमीटर पर केंद्र खोले जा सकते हैं। एक मिलियन की या उससे अधिक आबादी वाले शहरों के लिए भी यह लागू रहेगा जबकि अन्य शहरों में न्यूनतम दूरी एक किलोमीटर रहेगी। हाल में दूरी की व्यवस्था समाप्त कर दी गई थी जिसका भारी विरोध हुआ था। PMBI (फार्मास्यूटिकल्स एंड मेडिकल डिवाइसेज ब्यूरो आफ इंडिया) के सीईओ ने इस आशय की अधिसूचना जारी की है। आबादी का डेटा 2011 के जनगणना पर आधारित है।
जनऔषधि : 47 शहरों में 500 मीटर की दूरी
अधिसूचना के मुताबिक न्यूनतम दूरी का यह मापदंड उन केंद्रों पर पर लागू नहीं होते हैं जो किसी सरकारी अस्पताल या क्लिनिक के परिसर के भीतर स्थित हैं या स्थापित किए जाने का प्रस्ताव है। जनगणना 2011 के आधार पर एक मिलियन या उससे अधिक जनसंख्या वाले शहरों की सूची दी गई है। इसमें आंध्र प्रदेश, बिहार, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, जम्मू और कश्मीर, झारखंड, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के विभिन्न शहर शामिल हैं। इन शहरों की कुल जनसंख्या 80.57 मिलियन है।
जनऔषधि : ये रहे शहरों के नाम
अधिसूचना के साथ संलग्न सूची के अनुसार एक मिलियन से अधिक आबादी वाले शहरों में विजयवाड़ा, विशाखापट्टनम, पटना, चंडीगढ़, दुर्ग—भिलाईनगर, रायपुर, राजकोट, सूरत, वड़ोदरा, फरीदाबाद, श्रीनगर, जमशेदपुर, धनबाद, रांची, कन्नूर, कोच्चि, कोल्लम, कोझिकोड़, मल्लपुरम, तिरुवनंतपुरम, त्रिशूर, भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, औरंगाबाद, छत्रपति संभाजीनगर, नागपुर, नासिक, पुणे, विरार, अमृतसर, लुधियाना, जयपुर, जोधपुर, कोटा, कोयंबटूर, मदुरै, तिरुचिरापल्ली, आगरा, प्रयागराज, गाजियाबाद, कानपुर, लखनउ, मेरठ, वाराणसी और आसनसोल हैं। इन शहरों में एक केंद्र से आधा किलोमीटर पर दूसरा केंद्र खोला जा सकता है।
