नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। आयुष मंत्रालय ने यहां 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (IDY) के लिए कर्टन रेजर कार्यक्रम आयोजित किया। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय योग (YOGA) दिवस 2026 की ओर अग्रसर राष्ट्रव्यापी और वैश्विक समारोहों का औपचारिक शुभारंभ हुआ, जिसका समापन 21 जून को पश्चिम बंगाल के कोलकाता में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में होने वाले राष्ट्रीय कार्यक्रम में होगा। योग दिवस 2026 का विषय, “स्वस्थ आयु के लिए योग”, वर्तमान शताब्दी की सबसे महत्वपूर्ण चुनौतियों का समाधान करने के साथ ही अनेक अवसरों का सृजन भी करता है। यह जानकारी आयुष मंत्री प्रताप राव जाधव ने दी। उनके साथ आयुष सचिव वैद्य राजेश कोटेचा, संयुक्त सचिव सुश्री मोनालिसा डैश, उप महानिदेशक सत्यजीत पॉल आदि भी थे।
योग: बन गया वैश्विक अभियान
प्रेस वार्ता में श्री जाधव ने कहा कि विश्वभर में लोग पहले से कहीं अधिक दीर्घायु हो रहे हैं। हालांकि, असली चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि ये अतिरिक्त वर्ष स्वस्थ, सक्रिय, आत्मनिर्भर और सार्थक हों। योग शारीरिक स्वास्थ्य को मजबूत करके, मानसिक कल्याण को बढ़ावा देकर और जीवन की समग्र गुणवत्ता को बढ़ाकर स्वस्थ आयु की दिशा में एक सर्वकालिक और समग्र मार्ग प्रदान करता है। 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा भारत के प्रस्ताव को अपनाने से योग एक भारतीय परंपरा से स्वास्थ्य और कल्याण के लिए एक वैश्विक अभियान में परिवर्तित हो गया। उन्होंने कहा कि आज योग ने सीमाओं, संस्कृतियों और भाषाओं की सीमाओं को पार कर लिया है। यह एक साझा वैश्विक अभियान के रूप में उभरा है जो लोगों को स्वास्थ्य, सद्भाव और कल्याण की खोज में एक साथ लाता है।
योग: विश्व भर में कार्यक्रम
इस साल के कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए श्री जाधव ने बताया कि भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) के समन्वय से विदेशों में स्थित 210 से अधिक भारतीय मिशन विश्व भर में लगभग 2,500 स्थानों पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर कार्यक्रमों का आयोजन करेंगे। श्री जाधव ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 की तैयारियों के दौरान हासिल की गई एक महत्वपूर्ण उपलब्धि की भी घोषणा की। 14 जून को आयोजित विशेष राष्ट्रव्यापी लाइव योग सत्र का जिक्र करते हुए श्री जाधव ने कहा कि इसमें चार लाख से अधिक प्रतिभागियों ने एक साथ भाग लिया, जिससे एक नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बना। उन्होंने यह भी कहा कि यह उपलब्धि योग के प्रति लोगों के असाधारण उत्साह को दर्शाती है और यह साबित करती है कि इस अभियान में जनभागीदारी हर साल नई ऊंचाइयों को छू रही है। इसके अलावा संस्कृति मंत्रालय देश भर में 100 प्रतिष्ठित स्थानों पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर विशेष कार्यक्रमों का आयोजन करेगा, जो भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और योग परंपराओं को एक साथ लाएगा। मुख्य राष्ट्रीय समारोह 21 जून को कोलकाता के ऐतिहासिक रेड रोड पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आयोजित किया जाएगा।
योग: कई आयोजन निर्धारित
श्री जाधव ने 13 से 20 जून तक आयोजित हो रही “गंगोत्री से गंगासागर: गंगा तट योग यात्रा” पर भी प्रकाश डाला। गंगोत्री, हरिद्वार, वाराणसी, पटना, हुगली और गंगासागर सहित विभिन्न स्थानों को कवर करने वाली इस पहल का उद्देश्य योग को पर्यावरण संरक्षण, नदी संस्कृति और सामुदायिक भागीदारी से जोड़ना है। मुख्य कार्यक्रम से पहले कोलकाता में कई विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 19 जून को शहर में “दौड़ से ध्यान” कार्यक्रम होगा, जो शारीरिक तंदुरुस्ती और मानसिक स्वास्थ्य के बीच संबंध को बढ़ावा देगा। 20 जून को “वंदे योगम” और पश्चिम बंगाल दिवस जैसे समारोहों में योग, देशभक्ति और सांस्कृतिक विरासत का सामंजस्यपूर्ण संगम देखने को मिलेगा।
