स्वस्थ भारत मीडिया
समाचार / News

H1N1: बीमारी उफान पर, रहें सावधान

H1N1: बीमारी उफान पर, रहें सावधान

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। दिल्ली और आसपास के इलाकों और मध्य प्रदेश के इंदौर में H1N1 यानी स्वाइन फ्लू उफान पर है। अब तक दो हजार से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं। साझीदार के समुद्र तट पर भीड़ बढ़ रही है। हालांकि आईसीएमएसटी ने एक राहत भरी खबर दी है जिसमें कहा गया है कि कोई स्ट्रेन नहीं मिला है लेकिन छोटे बच्चों, बुजुर्गों और किसी भी बीमारी से ग्रस्त लोगों को इस बीमारी का खतरा सबसे ज्यादा है। वस्तुतः यह इन्फ्लूएंजा ए का एक उपप्रकार है जो श्वसन के माध्यम से मुख्य रूप से प्रभावित होता है। वैसे तो आम तौर पर यह आपके लिए ठीक है, लेकिन यह निमोनिया के समान ही पैदा हो सकता है।

वृद्ध–बच्चों में ख़तरा

आईसीटी सांख्यिकी के आंकड़ों में कहा गया है कि छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बुजुर्गों को किसी भी बीमारी से अधिक खतरा हो सकता है। यदि लक्षण बने रहते हैं, लक्षण बने रहते हैं या गंभीर हो जाते हैं, तो डॉक्टर से समय पर सलाह लेनी चाहिए। भारत में अभी भी वायरल हो रहा वायरस A/Missouri/11/2025 (H1N1) pdm09 वायरस सेव-जुलता है। यह वायरस 2025 फेल हो रहा है। ऐसे में प्रभावी वैक्सीन बनी रहेगी। सिद्धांत के अनुसार वर्तमान में इस तरह के किसी भी विकास का संकेत नहीं मिलता है। यह वायरस H1N1 P DM09 परिवार का ही हिस्सा है, जो 2009 की महामारी के बाद विश्व स्तर पर प्रसारित हो रहा है। पिछले वर्ष H3N2 प्रमुख उपप्रकार था। दिल्ली में आम तौर पर फ्लू के दो चरम दृश्य देखने को मिलते हैं, एक जनवरी और मार्च के बीच और दूसरी बहस के बाद।

कोरोना काल जैसी सावधानियां रखें

रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को इन्फ्लूएंजा के प्रचार-प्रसार के लिए भीड़भाड़ वाले स्थान पर मास्क का नाम, हाथों की स्वतंत्रता बनाए रखने और श्वसन संक्रमण से प्रभावित लोगों से संपर्क करने के लिए कहा है। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों, गंभीर महिलाओं और रक्षात्मक प्रतिरक्षा वाले लोगों को अधिक शराब पीने की सलाह दी जा रही है। इसमें बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द और अत्यधिक थकान आदि शामिल हैं। समनुरूपता का आधार जारी किया गया है। 21 अगस्त को एक उच्चस्तरीय बैठक के लिए स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. इसके बाद मंत्रालय ने 22 अगस्त को एक एड जारी की, जिसमें नागरिकों से अनुरोध किया गया कि यदि बुखार, खांसी, गले में खराश, बदन दर्द, सिरदर्द, ठंड लगना या थकान जैसे लक्षण बने रहें तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें।

Related posts

होम्योपैथी से सम्भव है कैंसर का इलाज

Ashutosh Kumar Singh

चश्मे से छुटकारा दिलायेगा आने वाला आई ड्रॉप

admin

सस्ती होगी कैंसर की दवा, GST दर में कटौती

admin

Leave a Comment