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Bihar: 40 नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता समाप्त

Bihar: 40 नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता समाप्त

पटना (स्वस्थ भारत मीडिया)। बिहार के 40 शंघाई स्टूडियो की समीक्षा रद्द कर दी गई है। इंडियन नर्सिंग काउंसिल ने हाल ही में लिया ये फैसला। उन्होंने जब सुपरमार्केट की जांच की तो कई कॉलेज तय मानकों पर खरे नहीं उतरे। उद्योगों में दो वैज्ञानिक संस्थान चल रहे थे तो कहीं वैज्ञानिक संस्थान ही नहीं थे। आवश्यक सामग्री की भी कमी देखी गई।

अंततः हुई तो अधिकांश फेल

बिहार में पैरा मेडिकल, फार्मेसी और कॉलेज कॉलेज बिहार हेल्थ साइंस यूनिवर्सिटी (बीयूएचएस) से संबद्ध हैं। इस बीच खबर है कि हाल ही में BUHS ने 2024-28 सत्र के पहले सेमेस्टर का रिजल्ट जारी किया, जिसमें सभी कॉलेजों के 80-90 प्रतिशत छात्र फेल हो गए। ऐसा कोई कॉलेज नहीं है जहां 50 स्नातक से कम छात्र फेल हो गए हों। ऐसे सभी विद्यार्थियों ने क्लस्टर कॉलेज में गर्मी और प्रदर्शन किया। कॉलेज ही नहीं बल्कि बीयूएचएस के छात्रों तक पहुंच कर प्रदर्शन और सराहना की। विलंबित रिजल्ट का प्रदर्शन इसलिए नहीं किया गया क्योंकि आतिथ्य के सभी समय के छात्रों के लिए यह विश्वसनीय डेक एडमीशन जारी है कि सब कुछ सिद्ध है और अच्छे परिणाम की भी स्थापना की गई है।

नहीं चल रहा है टेलीकॉम मैनेजमेंट की

आकस्मिक हो कि बिहार में कॉलेज, पैरा मेडिकल, फार्मेसी क्रांति 2020 से शुरू हो गई है। हर जिले में 2-4 कॉलेज खुले थे। 2020 से 2022 तक ये थ्री बैच आर्यभट्ट नॉलेज़ यूनिवर्सिटी, पटना यूनिवर्सिटी, मगध यूनिवर्सिटी, मिथिला यूनिवर्सिटी आदि से संबद्ध था। यहां कॉलेज का मैनेजमेंट मोबाइल कर मनमुताबिक सेंटर ले जाता था और छात्रों से सेंटर सर्टिफिकेट लेने के नाम पर 5-5 हजार तक की जगह ली जाती थी। ऐसे में बिना कॉलेज के छात्र पैसे के दम पर कॉलेज, पैरा मेडिकल, फार्मेसी के डिग्री लेते रहे। 2023 बैचलर ऑफ पब्लिक बिजनेस से जुड़ा। सेंटर से लेकर कॉपी तक पर सेटिंग वहां हो नहीं सकी। परिणाम यह हुआ कि अधिकांश विद्यार्थी फेल हो गये।

बिहार में 100+ नर्सिंग संस्थान

100 के आस-पास है शिक्षा के बारे में जानकारी। प्रमुख स्टार्ट-अप पोर्टल पर लगभग 36 नामांकित बीएससी-सैनचाइलेज आवेदकों की सूची है, जबकि सभी-सक्षम और बैचलर प्रोग्राम को ट्रैक करने वाली कंपनी में कुल 100 से अधिक संस्थान शामिल हैं। प्राथमिक डिग्री प्रदान करने वाले लगभग 13 से 25 निजी संस्थान हैं, जबकि सार्वजनिक या सरकारी संगठन लगभग 6 से 13 कलाकारों का प्रबंधन करते हैं। बिहार के विज्ञान सोसायटी सुपरमार्केट में प्रमुख हैं- अखिल भारतीय आयुर्वेद विज्ञान संस्थान (एम्स) पटना (सरकारी), इंदिरा गांधी आयुर्वेद संस्थान (आईजीआईएमएस) पटना (सरकारी/स्वायत्त), नारायण नर्सिंग कॉलेज, सासाराम (निजी, गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय के अंतर्गत) और कॉलेज ऑफ ऑफिस, कुर्जी होली फैमिली हॉस्पिटल, पटना (निजी)।

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