स्वस्थ भारत मीडिया
समाचार / News

असम में दो घंटे से ज्यादा शव नहीं रोक सकेंगे निजी अस्पताल

असम में दो घंटे से ज्यादा शव नहीं रोक सकेंगे निजी अस्पताल

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। असम की राज्य सरकार ने अस्पतालों के लिए एक नया नियम बना दिया है जिसके मुताबिक प्राइवेट अस्पताल अब इलाज के दौरान मरीज की मौत पर पर दो घंटे से अधिक डेड बॉडी नहीं रोक सकते। भले ही इलाज पर बिल जमा हो या न हो। इससे परिजनों को काफी राहत मिलेगी।

कैबिनेट ने दी मंजूरी

रिपोर्ट के अनुसार असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि सरकार ने फैसला किया कि किसी भी निजी अस्पताल को मरीज के शव को दो घंटे से अधिक समय तक रखने की अनुमति नहीं होगी, भले ही परिवार इलाज का बिल न चुका पाए। गुवाहाटी में कैबिनेट बैठक के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सीएम ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्राइवेट हॉस्पिटल को मृत्यु प्रमाण पत्र मिलने के दो घंटे के भीतर शव सौंपने होंगे, चाहे भुगतान कितना भी लंबित क्यों न हो। इससे अधिक देरी होने पर दंडात्मक कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार एक 24×7 टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 104 स्थापित करेगी और परिवार इस नंबर पर शव न मिलने की सूचना दे सकेंगे।

दोषी अस्पतालों पर गिरेगी गाज

उन्होंने कहा कि इस मामले की सूचना तुरंत जिला स्वास्थ्य अधिकारी, स्थानीय पुलिस और अस्पताल शिकायत प्रकोष्ठ को दी जाएगी। शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारी को घटनास्थल का दौरा करना होगा। अगर शव को गलत तरीके से रखा गया है तो उसे उसके कब्जे से वापस लेना होगा और कानूनी कार्यवाही शुरू करनी होगी। उन्होंने आगे कहा कि ऐसी स्थिति में दोषी अस्पतालों का लाइसेंस 3-6 महीने के लिए निलंबित किया जाएगा और पांच लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा, जबकि अपराध दोहराने पर उनका पंजीकरण स्थायी रूप से रद्द भी किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने असम में निजी नर्सिंग होम की ओर से की जाने वाली जबरदस्ती की गतिविधियों को रोकने के लिए एसओपी और नियामक दिशानिर्देशों के मसौदे को मंज़ूरी दे दी है। ऐसी घटनाओं की सूचना चार घंटे के भीतर पुलिस और जिला स्वास्थ्य अधिकारियों को देनी होगी।

Related posts

नशा अंधेरी गली में ले जाता हैःप्रधानमंत्री

Ashutosh Kumar Singh

ICMR संस्थानों में सौर ऊर्जा के लिए NTPC से समझौता

admin

स्वास्थ्य के चार क्षेत्रों में भारत के साथ मिलकर काम करेगा डब्ल्यूएचओ

Ashutosh Kumar Singh

Leave a Comment