नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। भारत सरकार ने दंत चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने और इसे वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने के उद्देश्य से किए गए एक महत्वपूर्ण सुधार के तहत डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया (Dental Council of India) के स्थान पर राष्ट्रीय दंत आयोग (National Dental Commission) और तीन स्वायत्त बोर्डों का गठन किया है। इस संबंध में अधिसूचनाएं हो गई है। यह ऐतिहासिक सुधार एक पारदर्शी, गुणवत्ता-केंद्रित और जवाबदेह नियामक ढांचे की ओर निर्णायक बदलाव का प्रतीक है जो पूर्ववर्ती निर्वाचित संरचना का स्थान लेगा। आयोग दंत चिकित्सा शिक्षा में आवश्यक और लंबे समय से प्रतीक्षित नियामक सुधारों को लागू करेगा और पूरे देश में किफायती मुंह संबंधी स्वास्थ्य देखभाल तक पहुंच को बढ़ाएगा।
आयोग: ऐसा होगा आयोग
सरकार ने प्रतिष्ठित पेशेवरों को आयोग और उसके बोर्डों का नेतृत्व करने के लिए नियुक्त किया गया है। आयोग के कामकाज में सहयोग के लिए तीन स्वायत्त निकायों का गठन किया गया है:
स्नातक एवं स्नातकोत्तर दंत चिकित्सा शिक्षा बोर्ड–दंत चिकित्सा शिक्षा की देखरेख करेगा
दंत मूल्यांकन एवं रेटिंग बोर्ड–प्रत्यायन और संस्थागत मूल्यांकन को विनियमित करेगा
दंत चिकित्सा नैतिकता एवं पंजीकरण बोर्ड–दंत चिकित्सकों के पेशेवर आचरण और पंजीकरण को नियंत्रित करेगा
राष्ट्रीय दंत आयोग और इसके स्वायत्त बोर्डों में निम्नलिखित नियुक्तियों को मंजूरी दे दी गई है:
राष्ट्रीय दंत आयोग में डॉ. संजय तिवारी अध्यक्ष, डॉ. मौसुमी गोस्वामी अंशकालिक सदस्य (पूर्वस्नातक एवं स्नातकोत्तर दंत चिकित्सा शिक्षा बोर्ड) होंगी। स्नातक एवं स्नातकोत्तर दंत चिकित्सा शिक्षा बोर्ड में डॉ. चन्द्रशेखर जानकीराम अध्यक्ष, डॉ. शैलेश माधव लेले पूर्णकालिक सदस्य, डॉ. नागराज एम. अंशकालिक सदस्य होंगे। दंत संबंधी आकलन और रेटिंग बोर्ड में लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) नंदा किशोर साहू अध्यक्ष, डॉ. हिमांशु ऐरन पूर्णकालिक सदस्य, डॉ. परिमाला त्यागी अंशकालिक सदस्य होंगी। इसी तरह आचार नीति एवं दंत पंजीकरण बोर्ड में लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) तापस कुमार बंद्योपाध्याय पूर्णकालिक सदस्य, डॉ. उषा हेगड़े पूर्णकालिक सदस्य, डॉ. स्वर्ग ज्योति दास अंशकालिक सदस्य होंगी। अरिंदम मोदक एनडीसी के सचिव के रूप में सचिवालय का नेतृत्व करेंगे।
आयोग: ये होंगे प्रमुख कार्य
- अधिनियम के प्रावधानों को लागू करने के लिए नियम बनाएगा
- दंत चिकित्सा संस्थानों का मूल्यांकन और रेटिंग करेगा
- मानव संसाधनों का मूल्यांकन और दंत चिकित्सा अनुसंधान को बढ़ावा देगा
- निजी दंत चिकित्सा महाविद्यालयों में शुल्क विनियमन के लिए दिशा-निर्देश तैयार करेगा
- सामुदायिक दंत चिकित्सा देखभाल, शिक्षा, अनुसंधान और पेशेवर आचार नीति के लिए मानक स्थापित करेगा
