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आयुष आहार का बाजार सौ बिलियन तक बढ़ने की संभावना

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने आयुर्वेद को जन सामान्य की खाद्य शैली से जोड़ा था। भारत की पहल पर जिस प्रकार अंतराष्ट्रीय योग दिवस ने योग को दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाया, वैसे ही अब मिलेट्स भी दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचेंगे। वे नयी दिल्ली में तीन दिवसीय वर्ल्ड फूड इंडिया के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

आयुष पवेलियन भी सजा

इसमें आयुष मंत्रालय ने आयुष पवेलियन लगाया है जिसमें आयुर्वेद आहार और उसकी वर्तमान जीवन में उपयोगिता, आयुष आहार का महत्व आदि की जानकारी दी जा रही है। आयुष सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने पवेलियन का दौरा भी किया। मंत्रालय की ओर से आयोजित नॉलेज सेशन में नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ आयुर्वेद, जयपुर से आये प्रोफेसर अनुपम श्रीवास्तव ने मेडिकल वैल्यू टूरिज़्म पर जोर देते हुए कहा कि आयुष वीज़ा की व्यवस्था विश्व भर में स्वास्थ्य सेवाओं के जरूरत मंदों के लिए बहुत सहयोगी है।

आयुष उत्पादों का भारत में बाजार 3.5 बिलियन डालर

ओम्नि एक्टिव हेल्थ टेक्नोलॉजीज के मैनेजिंग डायरेक्टर संजय मरीवाला ने बताया कि वर्तमान समय में आयुष उत्पादों का भारतीय बाज़ार लगभग 3.5 बिलियन यूएस डालर है जिसके 100 बिलियन तक जाने की संभावना है। अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के असोसिएट प्रोफेसर डॉ. शिव कुमार हरती के अनुसार भोजन, नींद और जीवन शैली मानव स्वास्थ्य के तीन प्रमुख अंग हैं और आयुष उत्पादों अंतराष्ट्रीय खाद्य शैली का हिस्सा बन रहे हैं। FITT-IIT DELHI से आये डॉ. साकेत चट्टोपाध्याय ने बताया कि किस प्रकार नये आयुष उत्पादों के विकास में आर्टिफिशिल इंटेलिजेंस का सहयोग प्राप्त किया जा सकता है।

आयुर्वेद हमारी संस्कृति का हिस्सा

हिमालया वेलनेस कंपनी के रेग्युलेटरी हेड विजेंद्र प्रकाश ने बताया कि आयुष उद्योग के विकास में सहयोग और सहभागिता से वास्तविक विकास की कल्पना की जा सकती है। मंत्रालय के मीडिया सलाहकार संजय देव ने आयुष नॉलेज सेशन के समन्वयक की भूमिका निभाई और प्रधानमंत्री मोदी के कथन को दोहराते हुए कहा की आयुर्वेद हमारे देश में हज़ारों वर्षों में बसी हुई संस्कृति का हिस्सा है और आयुष इस व्यवस्था को आगे बढ़ाने का काम कर रहा है।

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