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ओड़िशा के जंगलों में है आयुर्वेद का खज़ाना – चांदमनी

जंगली औषधियों को प्रदर्शित करती चाँदमनी
जंगली औषधियों को प्रदर्शित करती चाँदमनी

सुंदरगढ़/ ओडिशा:
चांदमनी सांडिल एक सोशल एक्टिविस्ट है । वे जंगलों और पहाड़ी पर बसे आदिवासी ग्रामीणो के बीच जागरूकता कार्यक्रम चला रही है । चांदमनी को जंगलों में पाए जाने वाली औषधिओं का अच्छा ज्ञान है । वे कहती है की ओड़िशा के जंगलों व पहाड़ों में कई दुर्लभ जड़ी बूटियों का खजाना है। जिससे जटिल से जटिल रोगों का निदान संभव है । चांदमनी ने कहा की आज भी ओडिशा के सुदूरवर्ती पहाड़ी छेत्रों में स्वस्थ सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं । ग्रामीणो को इलाज़ के लिए कई मील चलकर जाना होता है । यहाँ ज्यादातर आदिवासी समाज के लोग आज भी जंगलों में मिलने वाली पेड़ पौधे फूल पत्ती छाल इत्यादि से ही अपना इलाज़ कर लेते है । चांदमनी ने स्वस्थ भारत डॉट इन को बताया की  ओडिशा में आयुर्वेद के विकास की काफी संभावनाए है । अगर सरकार चाहे तो ओडिशा को आयुर्वेद  हब के रूप में विकसित कर सकती है । जिससे आयुर्वेद का विकास भी हो सकेगा और यहाँ के आदिवासियों को रोजगार से भी जोड़ा जा सकेगा ।
 
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1 comment

RITESH PATHAK October 5, 2015 at 8:55 am

राजीव दीक्षित तो कब से यही बात कह रहे थे …

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