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छत्तीसगढ़ एफडीए से हटाये गए ड्रग कंट्रोलर रवि प्रकाश गुप्ता

रायपुर/09.10.15
छत्तीसगढ़ के एफडीए कमिश्नर रवि प्रकाश गुप्ता का तबादला कर दिया गया है। रवि प्रकाश गुप्ता अपने विभाग में भ्रष्टाचार रोकने में नाकाम रहे थे। सूत्रों के मुताबिक छत्तीसगढ़ में एफडीए के खिलाफ चल रही फार्मासिस्टों का आंदोलन इसकी बड़ी वज़हों में से एक है।

 रवि प्रकाश गुप्ता का हुआ तबादला
रवि प्रकाश गुप्ता का हुआ तबादला

विगत कुछ महीनो में छत्तीसगढ़ के फार्मासिस्टों ने प्रधानमंत्री कार्यालय को छत्तीसगढ़ में चल रहे गोरखधंधे की शिकायत की थी। ड्रग कंट्रोलर का तबादले को पीएमओ से जोड़कर भी देखा जा रहा है। हाल ही में पीएमओ ने दुर्ग जिले के एक मेडिकल स्टोर पर फार्मासिस्ट नहीं होने की शिकायत पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
गौरतलब है कि मेडिकल स्टोर की मालकिन छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री रामशिला साहू थी जिसे बचाने की कोशिश में आलाअधिकारियों ने दुर्ग के ड्रग इंस्पेक्टर पर इस कदर दबाव बनाया कि ड्रग इंस्पेक्टर को इस्तीफा देना पड़ा।
छत्तीसगढ़ औषधि नियंत्रण प्रशासन की विफलता की कहानी वैसे कोई नई नहीं है । विलासपुर के नसबंदी कांड में छत्तीसगढ़ औषधि नियंत्रण प्रसाशन की पोल खुली पहले ही खुच चुकी है। जब महावर फार्मा और कविता फार्मा जैसी दवा कंपनियों पर अमानक दवा बनाये जाने का मामले ने तूल पकड़ा था साथ ही पान ठेले पर सब्जियों की तरह दवाई वेचे जाने की खबर मीडिया में सुर्खियां बनी थी । रवि प्रकाश गुप्ता पर कई तरह के आरोप लगे थे। रवि प्रकाश गुप्ता तो बचकर निकल गए थे। वहीँ डिप्टी ड्रग कंट्रोलर हेमंत श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया गया था।
विवादित बयानों से सुर्खियों में रहे रवि प्रकाश
रवि प्रकाश गुप्ता अपने विवादित बयानों की वजह से सुर्खियों में रहे हैं। बतौर ड्रग कंट्रोलर रवि प्रकाश ने एक बार यहाँ तक कह दिया था कि, यह जरुरी नहीं की चौबीस घंटे फार्मासिस्ट उपलब्ध ही हो। दवा कोई भी बाँट सकता है जो थोड़ी बहुत भी जानकारी रखता हो। उनके इस बयान से फार्मासिस्ट उग्र हो गए थे। मामला बिगड़ता देख रवि गुप्ता अपने बयानों से बाद में पलट गए थे।
फार्मासिस्ट कर रहे थे हटाने की मांग
छत्तीसगढ़ के फार्मासिस्ट एसोसिएशन के सदस्य हमेशा से ही रवि प्रकाश गुप्ता को ड्रग कंट्रोलर के पद से हटाये जाने की मांग कर रहे थे। एसोसिएशन के सदस्य वैभव शास्त्री ने आरोप लगाया कि रवि प्रकाश गुप्ता हमेशा केमिस्ट संगठनो की तीमारदारी में लगे रहते थे। वही राहुल वर्मा ने कहा की अवैध दुकानों से होने वाली वसूली की वज़ह से ही आज तक उन्होंने एक भी की मेडिकल स्टोर पर कार्रवाई नहीं की।
हालांकि रवि प्रकाश गुप्ता के ट्रांसफर को लेकर कई बातें सामने आ रही है। सरकार इसे रूटिन फेरबदल बता रही है।  छत्तीसगढ़ फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने सरकार की इस फैसले का का स्वागत किया है।
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