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जयपुर में आयोजित हुआ योग महोत्सव

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, 2023 की उलटी गिनती के 50 दिन के अवसर पर जयपुर में आयोजित योग महोत्सव में 15 हजार से अधिक लोगों ने योगाभ्यास किया। कार्यक्रम में राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र; केन्द्रीय आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल समेत कई सांसद-अधिकारी उपस्थित थे।

सूक्ष्म विज्ञान पर आधारित योग : राज्यपाल

इस अवसर पर राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा कि योग और आयुर्वेद का इतिहास सदियों पुराना है। योग का पहली बार उल्लेख सर्वाधिक प्राचीन ग्रंथ ऋगवेद में किया गया था। यह आध्यात्मिक विधा एक सूक्ष्म विज्ञान पर आधारित है, जिसका उद्देश्य शरीर और मस्तिष्क के बीच सद्भाव लाना है। पूरा विश्व कोविड-19 के रूप में कठिन समय से गुजरता रहा है। योग और आयुर्वेद ने महामारी पर नियंत्रण पाने में सहायता की है।

विरासत बचानी होगी : सोनोवाल

सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि इन महोत्सवों के माध्यमों से हमारा प्रयास योग की समृद्ध विरासत के निकट एक लहर के प्रभाव को बनाए रखना है। योग स्वस्थ मस्तिष्क और शरीर को महसूस करने के लिए अमृत के रूप में कार्य करने के लिए साबित हुआ है। विश्व के लोगों के स्वास्थ्य और कल्याण को समृद्ध करने के लिए अपने सॉफ्ट पावर योग को आगे बढ़ाने की हमारी विशेष जिम्मेदारी है। इस वर्ष हम आर्कटिक और अंटार्कटिक क्षेत्र में सामान्य योग प्रोटोकॉल का प्रदर्शन करने की योजना बना रहे हैं।

नये-नये रोग से बचाये योग : डॉ. मुंजपारा

डॉ. मुंजपारा महेंद्रभाई ने कहा कि योग और आयुर्वेद मस्तिष्क-शरीर के संबंध को बहुत महत्व देते हैं। इनका प्रकृति और आसपास के वातावरण से संबंध होता है। वैज्ञानिक अध्ययनों के माध्यम से यह स्थापित किया गया है कि यदि हम योग-ध्यान और आध्यात्मिकता की सकारात्मक जीवन शैली अपनाएं, तो हम अधिकांश आधुनिक बीमारियों से छुटकारा पा सकते हैं।

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