नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। विश्व रक्तदाता दिवस पर 14 जून को देश भर में रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ। रक्तदान का महादान माना गया है। यह दिन उन सभी खुद की मर्जी से रक्तदान करने वालों को समर्पित है, जो ब्लड डोनेट करके दूसरे लोगों की जान बचाने का काम करते हैं।
पटना में लगा शिविर
विश्व रक्तदाता दिवस के मौके पर पटना में मां ब्ल्ड सेंटर की ओर से शिविर लगा जिसमें 207 यूनिट ब्लड मिला। इस शिविर को IAS officers Association, IPS Officers Association, IFS Officers Association, IAS Officers Wives Association, IPS Officers Wives Association और IFS Officers wives Association, Bihar का सहयोग मिला। आईएएस,आईपीएस और आईएफएस ऑफिसर्स और वाइव्स एसोसिएशन द्वारा प्रति वर्ष यह आयोजन होता है। 14 जून 2021 को 163 यूनिट, 14 जून 2022 को 161 यूनिट, 14 जून 2023 को 127 यूनिट, 1 दिसंबर 2023 को 124 यूनिट और 14 जून 2024 को 179 यूनिट ब्लड संग्रह हुआ था। इस दिन पटना में रेड क्रॉस तथा अन्या संस्थाओं ने भी कैंप लगाकर ब्लड संग्रहित किया। याद रहे कि मां ब्ल्ड सेंटर ने स्थापना के तीन साल के दौरान 2022-23 में 3647, 2023-24 में 7644 और 2024-25 में 12979 एकत्रित किया जबकि 2022-23 में 4427, 2023-24 में 9954 और 2024-25 में 16574 यूनिट वितरित किया जा सका।
विश्व रक्तदाता दिवस की थीम
वर्ल्ड ब्लड डोनर डे 2025 की थीम, ‘रक्त दो, आशा दो: साथ मिलकर जीवन बचाएं’ है। मतलब कि जब हम रक्त दान करते हैं तो हम न सिर्फ अपना खून देते हैं, बल्कि हम किसी दूसरे व्यक्ति को नया जीवन और नई उम्मीदों के साथ बीमारी से लड़ने की ताकत देते हैं। साथ ही, इस थीम में ‘साथ मिलकर जीवन बचाएं’ यह बात इस चीज को दिखाता है कि यह न सिर्फ एक व्यक्ति की बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। इस साल की यह थीम स्वास्थ्य सेवा में सपोर्ट और मानवता की भावना को दिखाता है। यह थीम इस बात के लिए प्रेरित करती है कि हम मिल-जुलकर काम करें, ताकि हर जरूरतमंद व्यक्ति को समय पर सुरक्षित तरीके से ब्लड मिल सके।
2004 से इसे मनाने की परंपरा
विश्व रक्तदाता दिवस की शुरुआत साल 2004 में विश्व स्वास्थ्य संगठन, अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस सोसाइटी, ISBT और अन्य कई संगठनों ने एक साथ मिलकर की थी। इस दिन को मनाने के लिए 14 जून का दिन चुना गया क्योंकि इस दिन महान वैज्ञानिक डॉ. कार्ल लैंडस्टीनर का जन्मदिन है, जिन्होंने ABO ब्लड ग्रूप सिस्टम की खोज की थी। डॉ. कार्ल लैंडस्टीनर की इस खोज ने दुनियाभर में ब्लड डोनेट करने की प्रक्रिया को सुरक्षित और वैज्ञानिक रूप से संभव बनाया है। विश्व रक्तदाता दिवस किसी हादसा, सर्जरी, थैलेसीमिया, कैंसर या अन्य कारणों से दूसरे व्यक्ति की जान बचाने और लोगों में रक्तदान के प्रति जागरुकता फैलाने के लिए अहम माना गया है। इस दिन लोगों को रक्तदान करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है क्योंकि अस्पतालों में लगातार लोगों के जीवन को बचाने के लिए ब्लड की जरूरत होती है। कई लोग ब्लड की कमी के कारण अपनी जान गवा देते हैं। इतना ही नहीं, रक्त दान से स्वस्थ समाज का निर्माण होता है। ऐसे में नियमित रूप से ब्लड डोनेट करने से कई लोगों की जान बचाई जा सकती है। इस दिन को मनाने के माध्यम से ब्लड डोनर्स का सम्मान किया जाता है, जो बिना किसी मतलब के दूसरे लोगों की जान बचाने के लिए ब्लड डोनेट करते हैं।
