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स्वस्थ भारत नारा नहीं, सरकार की प्रतिबद्धता : अनुप्रिया पटेल

स्वस्थ भारत नारा नहीं, सरकार की प्रतिबद्धता : अनुप्रिया पटेल

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने कहा है कि स्वस्थ भारत नारा नहीं बल्कि सरकार की प्रतिबद्धता है। तभी हेल्थ सेक्टर में निवेश बढ़ रहे हैं। वे 24 जुलाई को दिल्ली में लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के वार्षिक दीक्षांत समारोह को बतौर मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रही थीं। इस कार्यक्रम में नीति आयोग के सदस्य डॉ. विनोद कुमार पॉल और स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक डॉ. सुनीता शर्मा समेत अन्य लोग उपस्थित थे।

सबसे पुराना संस्थान LHMC

श्रीमती पटेल ने कहा कि एक संस्थान के रूप में लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज महिला सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध रहा है और राष्ट्र के विकास में उसका अभूतपूर्व योगदान है। उन्होंने कहा कि लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज देश के सबसे पुराने चिकित्सा संस्थानों में से एक होने के कारण विशिष्ट है, जो कनॉट प्लेस, संसद भवन और राष्ट्रपति भवन जैसे ऐतिहासिक स्थलों से भी पुराना है। पिछले 110 वर्षों में कॉलेज काफी विकसित हुआ है और आज लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज परिसर पुरानी इमारत और नए भवनों का अनूठा मिश्रण है।

महामारी में संस्थान का रोल अहम

उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि इस कॉलेज ने महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित अपनी विशिष्ट पहचान बनाए रखी है, जिसमें एमबीबीएस में छात्राओं को प्रवेश दिया जाता है और स्नातकोत्तर तथा विशिष्ट पाठ्यक्रमों में लैंगिक समानता रखी जाती है। लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज प्रतिवर्ष 240 छात्राओं को स्नातक उपाधि और लगभग 200 डॉक्टरों को विशिष्ट उपाधि प्रदान करता है, जिससे यह देश और दुनिया को ऐसे कुशल और सक्षम डॉक्टर दे रहा है जो अगली आधी सदी तक स्वास्थ्य सेवा को आयाम देते रहेंगे। उन्होंने कहा कि यहां के छात्रों—कर्मियों ने महामारी के सबसे कठिन दौर में काम किया है, जो उन्हें जीवन की वास्तविक चुनौतियों से निपटने में मदद करेगा और उनके व्यक्तिगत विकास में सहायक होगा। चिकित्सा पेशा विशेषाधिकार और उत्तरदायितव का अनूठा मिश्रण है।

एंटीबायोटिक के प्रयोग पर नज़र रखें

नीति आयोग के सदस्य डॉ. विनोद के. पॉल ने एंटीबायोटिक दवाओं के विवेकपूर्ण इस्तेमाल पर एंटीबायोटिक नीति और दिशानिर्देश जारी करने के संस्थान के कदम की सराहना की और कहा कि विभिन्न विभागों के बीच आम सहमति बनाने की चुनौती को देखते हुए यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि रोगाणुरोधी प्रबंधन कार्यक्रमों का कार्यान्वयन और एंटीबायोटिक दवाओं के इस्तेमाल पर नज़र रखना आवश्यक है। डॉ. पॉल ने कहा कि एंटीबायोटिक दवाओं को निर्धारित करने के लिए श्रेणीबद्ध नियंत्रण से हम इसका अधिक विवेकपूर्ण, ज़िम्मेदार और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए सख्त उपाय वैकल्पिक नहीं, बल्कि आवश्यक हैं।

विकसित भारत का लक्ष्य महत्वपूर्ण

डॉ. पॉल ने कहा कि प्रधानमंत्री की 2047 तक विकसित भारत के निर्माण की भविष्य दृष्टि को साकार करने में इस पीढ़ी की विशेष ज़िम्मेदारी है। विकसित भारत की राह में जीवन प्रत्याशा में सुधार, पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर में कमी और लोक केंद्रित, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करना शामिल है। स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक डॉ. सुनीता शर्मा ने कहा कि यह उनके लिए गर्व का क्षण है क्योंकि उन्होंने लगभग तीन दशकों तक इसी संस्थान में शिक्षा दी है और अब इस दीक्षांत समारोह में अपने पढ़ाए गए विद्यार्थियों को उपाधि प्राप्त करते देख रही हैं। समारोह में 600 से अधिक विद्यार्थियों ने विभिन्न उपाधियां हासिल की।

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