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औषधीय खेती से ग्लोबल मंच पर आयुष की होगी धूम: जाधव

औषधीय खेती से ग्लोबल मंच पर आयुष की होगी धूम: जाधव

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के शेगांव में चल रहे राष्ट्रीय आरोग्य मेले में एक आकर्षक पवेलियन न केवल आयुष (Ayush) चिकित्सा की विभिन्न प्रणालियों के माध्यम से निवारक, प्रोत्साहक और एकीकृत स्वास्थ्य देखभाल की क्षमता साबित कर रहा है बल्कि औषधीय पौधों की खेती से ग्रामीण आजीविका को बूस्ट करता है। मेला 28 फरवरी तक चलेगा। मेला के दूसरे दिन आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने जीवनशैली संबंधी विकारों के निवारण में आयुष के बढ़ते महत्व पर फोकस करते हुए मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी स्थितियों से निपटने के लिए समय पर सोना और जल्दी उठना जैसी अनुशासित दिनचर्या अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने पारंपरिक ज्ञान पर आधारित सरल आयुर्वेदिक घरेलू उपचारों के लिए प्रोत्साहित करते हुए इसे एक किफायती और व्यावहारिक मॉडल बताया।

आयुष: औषधीय पौधों पर फोकस

श्री जाधव ने भारत को औषधीय पौधों के कच्चे माल का एक भरोसेमंद वैश्विक आपूर्तिकर्ता बनाने के लिए संगठित बाजार संबंधों, गुणवत्ता मानकों और संस्थागत सहायता की आवश्यकता और महत्व पर बल दिया। इस प्रकार, राष्ट्रीय आरोग्य मेला नागरिकों, स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं, किसानों और उद्योग जगत के हितधारकों के साथ प्रत्यक्ष जुड़ाव के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभरा है, जो आयुष प्रणालियों में समग्र स्वास्थ्य, ग्रामीण सशक्तिकरण और वैश्विक नेतृत्व के प्रति मंत्रालय के दृष्टिकोण को सुदृढ़ करता है। राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी महेश कुमार दाधिच ने किसानों को औषधीय वनस्पतियों पर केंद्रीय क्षेत्र योजना के बारे में जानकारी दी।

आयुष: तरह—तरह के स्टॉल

आयुष मंत्रालय के पवेलियन में अनुसंधान उपलब्धियों, शैक्षणिक कार्यक्रमों, नैदानिक ​​सेवाओं, जन स्वास्थ्य पहलों और साक्ष्य-आधारित प्रगति को दिखाया जा रहा है। औषधीय पौधों और हर्बल उत्पादों पर इंटरैक्टिव डिजिटल डिस्प्ले और प्रदर्शनियां विभिन्न आयु वर्ग और पृष्ठभूमि के आगंतुकों को आकर्षित कर रही हैं। आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध, सोवा-रिग्पा और होम्योपैथी प्रणालियों के योग्य चिकित्सकों द्वारा निःशुल्क चिकित्सा परामर्श प्रदान किए जा रहे हैं। प्रामाणिक आयुष औषधियां निःशुल्क वितरित की जा रही हैं, जिससे नागरिकों, विशेष रूप से वंचित क्षेत्रों के लोगों को प्रत्यक्ष स्वास्थ्य लाभ मिल रहा है। लाइव योग प्रदर्शन और योग चिकित्सा सत्रों में जनता की जोरदार भागीदारी देखने को मिल रही है। एक विशेष आयुष आहार खंड आयुष सिद्धांतों पर आधारित क्षेत्र-विशिष्ट और पोषण से भरपूर संतुलित आहार नियमों को बढ़ावा दे रहा है, जो निवारक स्वास्थ्य देखभाल और समग्र कल्याण में आहार की महत्वपूर्ण भूमिका को सुदृढ़ करता है।

आयुष: हल्दी खरीद को MOU

मेला में कृषि अधिकारी, ATMA बुलढाणा,PDKV अकोला, RCFC पुणे और NMBP दिल्ली के समन्वय से औषधीय वनस्पतियों की खेती, कटाई, प्रसंस्करण और बाजार संपर्क पर एक व्यापक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में लगभग 2000 किसानों ने भाग लिया और नौ आशय पत्रों पर हस्ताक्षर किए गए। एक उल्लेखनीय आशय पत्र सेवार्पण किसान उत्पादक संगठन और वेलोसे हर्बल्स प्राइवेट लिमिटेड, ग्वालियर के बीच हल्दी की 100 मीट्रिक टन की सुनिश्चित खरीद के लिए हस्ताक्षरित किया गया। ऐसे समझौतों से हल्दी, अदरक, शतावरी और एलोवेरा सहित उच्च मूल्य वाले औषधीय वनस्पतियों की बड़े पैमाने पर खेती को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और आयुष उद्योग को समर्थन मिलेगा।

आयुष: वैद्यों को मिला सम्मान

ज्ञात हो कि मेले के पहले दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आयुर्वेद के क्षेत्र में अनुकरणीय योगदान को मान्यता देते हुए राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ (RAV) से जुड़े प्रख्यात वैद्यों को प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किए। सम्मानित वैद्यों और प्रदान किए गए सम्मानों की सूची इस प्रकार है—
पद्मश्री और पद्म भूषण वैद्य श्री देवेन्द्र त्रिगुणा को जीवन गौरव सम्मान।
प्रो. वैद्य श्री राकेश अमरनाथ शर्मा
वैद्य श्री पीएम वारियर
वैद्य श्री रामदास अव्हाद
वैद्य श्रीमती मनीषा उपेन्द्र कोठेकर
वैद्य श्री आशुतोष सतीश गुप्ता।

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