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अंगदान आंदोलन को मजबूत करने का मंत्री का आह्वान

अंगदान आंदोलन को मजबूत करने का मंत्री का आह्वान

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (NOTTO) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम के साथ 16वां भारतीय अंगदान (Organ donation) दिवस (IODD) मनाया गया। इस अवसर पर सरकार ने भारत के अंगदान एवं प्रत्यारोपण कार्यक्रम को और सुदृढ़ बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई तथा मृतक अंगदाताओं और उनके परिजनों के अमूल्य योगदान का सम्‍मान किया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल, स्वास्थ्य सचिव श्रीमती पुण्य सलीला श्रीवास्तव, स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक डॉ. लवनीश जी. कृष्णा, एनओटीटीओ के निदेशक डॉ. अनिल कुमार, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि, दाता परिवार, प्रत्यारोपण प्राप्तकर्ता, स्वास्थ्य सेवा पेशेवर और अन्य हितधारक उपस्थित थे।

करुणा की अभिव्यक्ति

इस अवसर पर स्वास्थ्य राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने 16वें भारतीय अंगदान दिवस को सेवा और मानवता की भावना का उत्सव बताया। उन्होंने कहा कि अंगदान करुणा की सर्वोच्च अभिव्यक्ति है, क्योंकि यह अंतिम चरण के अंग विफलता से जूझ रहे लोगों को जीवन का एक दूसरा मौका देता है। उन्होंने दिवंगत अंगदाताओं के परिवारों के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की, जिनके निस्वार्थ निर्णयों ने राष्ट्र को प्रेरित किया है और भारत के अंगदान आंदोलन को मजबूत बनाया है। उन्होंने विभिन्न राज्य सरकारों के सराहनीय प्रयासों की भी सराहना की और उन्हें देश भर में अंगदान और प्रत्यारोपण सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करते रहने के लिए प्रोत्साहित किया। भारत की उल्लेखनीय प्रगति पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि 2023 में राष्ट्रीय डिजिटल प्रतिज्ञा पोर्टल के शुभारंभ के बाद से देश में आधार-सत्यापित अंगदान प्रतिज्ञाओं का आंकड़ा पांच लाख से अधिक हो चुका है। उन्होंने इस बढ़ती जनभागीदारी का श्रेय सरकार के निरंतर जागरूकता प्रयासों और प्रधानमंत्री को दिया।

मांग—आपूर्ति में अंतर

उन्होंने बताया कि अंग प्रत्यारोपण के क्षेत्र में भारत ने महत्वपूर्ण प्रगति की है और प्रत्यारोपणों की संख्या वर्ष 2013 में 4,990 से बढ़कर 2025 में 20,000 से अधिक हो गई है, जो एक वर्ष में अब तक का सबसे उच्चतम आंकड़ा है। अंग प्रत्यारोपण की कुल संख्या में भारत अब अमेरिका और चीन के बाद विश्व में तीसरे स्थान पर है। उन्होंने आगे कहा कि मृतक दाताओं से अंग प्रत्यारोपण की संख्या वर्ष 2013 में 837 से बढ़कर 2025 में 3,500 से अधिक हो गई। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अंगों की मांग और उनकी उपलब्धता के बीच अभी भी एक बडा अंतर मौजूद है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस अंतर को दूर करना एक राष्ट्रीय प्राथमिकता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अंगदान को लेकर फैली भ्रांतियां एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कोई भी प्रमुख धर्म अंगदान का निषेध नहीं करता; बल्कि सभी धर्म करुणा, सेवा और जीवन बचाने के मूल्यों को बढ़ावा देते हैं, जिससे अंगदान एक महान मानवीय कार्य बन जाता है।

जुग जुग जियो अभियान

उन्होंने ‘जुग जुग जियो अभियान’ के शुभारंभ पर भी प्रकाश डाला, जो एक साल तक चलने वाला राष्ट्रव्यापी जागरूकता अभियान है, जिसका उद्देश्य अंगदान का संदेश हर समुदाय तक पहुंचाना है और यह सुदृढ़ करना है कि अंगदान जीवन का सबसे बड़ा उपहार है, जिससे दाताओं की विरासत प्राप्तकर्ताओं के माध्यम से जीवित रहती है। सरकार ने एनओटीटीओ, पांच क्षेत्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठनों (ROTTO), 26 राज्य अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठनों (SOTTO) और लगभग 1,200 पंजीकृत अस्पतालों को मिलाकर एक मजबूत संस्थागत नेटवर्क स्थापित किया है। सरकार ने ‘ई-प्रत्यारोपण’ नामक एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू किया है, जो नागरिकों के बीच विश्वास बढ़ाते हुए एक निर्बाध, पारदर्शी और कुशल अंगदान एवं प्रत्यारोपण इकोसिस्‍टम का निर्माण करेगा।

दिशानिर्देश जारी

इस मौके पर एक महत्वपूर्ण नीतिगत पहल के तहत राष्ट्रीय मस्तिष्‍क स्टेम मृतक प्रमाणन दिशानिर्देश और स्वैप प्रत्‍यारोपण पर राष्ट्रीय दिशानिर्देश भी जारी किए गए। ये दिशानिर्देश प्रत्यारोपण पेशेवरों के लिए एक व्यावहारिक ढांचा प्रदान करते हैं और राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक मजबूत, नैतिक और कुशल अंगदान एवं प्रत्यारोपण कार्यक्रम को लागू करने में सहायता करते हैं। इनसे राष्ट्रीय प्रत्यारोपण इकोसिस्‍टम को मजबूती मिलने और देश भर में सुरक्षित, न्यायसंगत और उच्च गुणवत्ता वाली प्रत्यारोपण सेवाओं तक व्यापक पहुंच की सुविधा मिलने की उम्मीद है। इस कार्यक्रम में एनओटीटीओ की वार्षिक रिपोर्ट 2025-26 भी जारी की गई जिसमें भारत के अंगदान एवं प्रत्यारोपण कार्यक्रम के अंतर्गत हासिल की गई प्रगति का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 2025 में 20,138 अंग प्रत्यारोपण किए गए, जो एक वर्ष में अब तक का सबसे उच्‍चतम स्‍तर है। यह वर्ष 2013 में 4,990 प्रत्यारोपणों से चार गुना वृद्धि और 2024 में 18,911 प्रत्यारोपणों की तुलना में 6.5 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। अंग प्रत्यारोपणों की कुल संख्या में भारत वैश्विक स्तर पर तीसरे स्थान पर बना हुआ है, जबकि जीवित दाता अंग प्रत्यारोपणों में यह विश्व स्तर पर प्रथम स्थान पर है। मृतक दाता अंग प्रत्यारोपणों में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो वर्ष 2013 में 837 से बढ़कर 2025 में 3,526 हो गए, यानी चार गुना से अधिक की वृद्धि हुई है। वर्ष के दौरान 25 लाख से अधिक नागरिकों ने अपने अंग और ऊतक दान करने का संकल्प लिया।

पेशेवरों को मिला सम्मान

समारोह में अंगदान और प्रत्यारोपण सेवाओं को सुदृढ़ करने में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, क्षेत्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठनों (आरओटीटीओ), अस्पतालों, प्रत्यारोपण पेशेवरों और अन्य हितधारकों को राष्ट्रीय अंगदान पुरस्कार प्रदान किए गए। पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ को उत्तरी क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ क्षेत्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (आरओटीटीओ) का पुरस्कार दिया गया। तमिलनाडु को सबसे अधिक मृतक अंगदाताओं की संख्या दर्ज करने के लिए सर्वश्रेष्ठ राज्य के रूप में मान्यता दी गई, जबकि असम को उत्तर पूर्वी क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ राज्य का पुरस्कार मिला। दिल्ली को सर्वश्रेष्ठ केंद्र शासित प्रदेश के रूप में सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय अंगदान कार्यक्रम को आगे बढ़ाने में उनके अनुकरणीय प्रयासों को मान्यता देते हुए अस्पतालों को अंग प्रत्यारोपण और अंग पुनर्प्राप्ति में उत्कृष्टता, प्रत्यारोपण पेशेवरों और अन्य हितधारकों को भी पुरस्कार प्रदान किए गए।

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