पटना (स्वस्थ भारत मीडिया)। पटना के आईजीआईएमएस में 4.5 करोड़ की लागत से तीन मॉड्यूलर ओटी का निर्माण किया जाएगा। इसकी लागत 4.5 करोड़ होगी। इस बावत आईआरएफसी के अध्यक्ष मनोज दुबे एवं आईजीआईएमएस के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया। यह पहल बिहार में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। इससे संस्थान में शल्य चिकित्सा की क्षमता एवं रोगी सेवा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा। इस मौके पर मनोज दुबे ने अपने उच्चधिकारियों को वर्ष 2025-26 हेतु भी सीएसआर के तहत आवश्यक मदद हेतु निर्देशित किया।
महावीर वात्सल्य में रोबोटिक—बैरिएट्रिक सर्जरी जल्द
बिहारवासियों के लिए राहत भरी खबर है। अब रोबोटिक और बेरिएट्रिक सर्जरी कराने के लिए प्रदेश के बाहर नहीं जाना पड़ेगा। महावीर वात्सल्य अस्पताल में जल्द ही यह सुविधा उपलब्ध होगी। सर्जन डॉ. सईद ए फरीदी ने इस संस्थान में हाल में ही ज्वाइन किया हैं। वे लैप्रोस्कोपिक, इंडोस्कोपिक और रोबोटिक के विशेषज्ञ हैं। इनके द्वारा इस संस्थान में अब एडवांस्ड लैप्रोस्कोपिक एवं रोबोटिक सर्जरी करेंगे। मोटापा को कम करने की सुविधा बहाल होने जा रही है। यह जानकारी महावीर वात्सल्य अस्पताल के निदेशक डॉ. राजीव रंजन प्रसाद ने दी है। यहां सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें 9 वर्ष से 26 वर्ष तक की आयु की बच्चियों और महिलाओं को बच्चेदानी के मुंह के कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी वैक्सीन लेने की सलाह दी गई है।
कैडेवर कार्यशाला से डॉक्टरों को उपचार में मदद
PMCH के न्यूरोसर्जरी विभाग के द्वारा कैडेवर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं में नवाचार, तकनीकी उन्नति एवं चिकित्सकीय ज्ञान का आदान- प्रदान है। इसमें ख्यातिप्राप्त न्यूरो सर्जन मुबंई के डॉ. अतुल गोयल का व्याख्यान हुआ। उन्होंने सवाईकल सिरिंग्स, सवाईकल स्पॉंडलाइटिस, अनॉल्ड के आरई मालफार्मेशन, एटलांटो एक्सीयल, डिसलोकेशन जैसी बीमारियों की सर्जरी की बारिकियों को पीएमसीएच के न्यूरो विभाग में मृत शरीर पर विस्तार से बताया। पीएमसीएच के न्यूरो सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. रोहित कुमार ने बताया कि कार्यशाला न केवल डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों बल्कि स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े सभी व्यक्तियों के लिए उपयोगी साबित होगा। कार्यक्रम संयोजन से जुड़े डॉ. अभिनव ने बताया कि कार्यशाला से बिहार के गंभीर मरीजों को अपने प्रदेश में ही सर्जरी की सेवा दी जा सकेगी।
