स्वस्थ भारत मीडिया
समाचार / News

महाराष्ट्र के बाद अन्य राज्यों में भी कोरोना का प्रसार

महाराष्ट्र के बाद अन्य राज्यों में भी कोरोना का प्रसार

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया0। एशियाई देशों में COVID-19 मामलों में फिर से वृद्धि का असर अब भारत में भी नजर आने लगा है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह नया वैरिएंट JN.1 है। स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार देश में सबसे ज्यादा सक्रिय कोविड मामले केरल से सामने आए हैं, जहां कुल 95 मरीजों का इलाज चल रहा है। इसके बाद महाराष्ट्र में 56 और तमिलनाडु में 66 सक्रिय केस दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा पुडुचेरी, दिल्ली, गुजरात, राजस्थान, सिक्किम, हरियाणा, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी कुछ कोविड मामलों की पुष्टि हुई है।

कोरोना : समीक्षा की एक्सपर्ट ने

रिपोर्ट के अनुसार 12 मई के बाद से देशभर में कुल 164 नए कोविड केस दर्ज किए गए जिनमें से केरल में 69 नए केस, महाराष्ट्र में 44 और तमिलनाडु में 33 मामले सामने आए। इस दौरान 112 मरीज ठीक होकर अस्पताल से छुट्टी पा चुके हैं या ठीक हो चुके हैं। दो दिन पहले डायरेक्टर जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक हुई। इस बैठक में NCDC, ICMR, आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ और केंद्रीय अस्पतालों के विशेषज्ञों ने भाग लिया। बैठक में यह निष्कर्ष निकला कि भारत में वर्तमान कोविड स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। देश की विशाल जनसंख्या को देखते हुए 257 सक्रिय मामले बहुत कम हैं। इनमें से लगभग सभी मरीजों की स्थिति सामान्य है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत नहीं पड़ी।

कोरोना : स्वास्थ्य मंत्रालय की सलाह

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों को सलाह दी है कि अपनी टीकाकरण स्थिति अपडेट रखें, सर्दी, खांसी, बुखार जैसे लक्षण होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, सार्वजनिक स्थानों पर सावधानी बरतें, मास्क का उपयोग करें अगर भीड़भाड़ हो और अफवाहों से बचें व सरकारी स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें। उसने कहा है कि भले ही कोविड केसों में फिर से मामूली बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन स्थिति नियंत्रण में है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है। सरकार और स्वास्थ्य एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। हमें बस इतना करना है कि थोड़ी सी सतर्कता और सावधानी बरतें।

कोरोना : न घबराने की अपील

उधर महाराष्ट्र सरकार की ओर से बताया गया कि कोविड से संबंधित जटिलताओं के कारण दो मरीजों की मृत्यु हुई थी। हालांकि दोनों ही मरीज पहले से गंभीर बीमारियों से ग्रसित थे। जनवरी से अब तक राज्य में कुल 6,066 सैंपल की जांच की गई जिनमें से 106 पॉजिटिव पाए गए। इनमें 101 केस मुंबई से बाकी पुणे, ठाणे और कोल्हापुर से थे। BMC ने नागरिकों से अपील की है कि घबराएं नहीं, सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

कोरोना : सबसे अधिक मौतें ब्रिटेन में

रिपोर्ट के अनुसार सिंगापुर में अप्रैल के अंतिम सप्ताह में कोरोना के संक्रमण के मामले 11,100 थे जो मई 2025 की शुरुआत में 14,000 से भी अधिक हो गए। थाईलैंड के आपदा नियंत्रण विभाग ने बताया कि 11 मई से 17 मई के बीच देश में 33,030 मामले सामने आए थे। इनमें से सिर्फ बैंकॉक में ही कम से कम 6,000 मामले मिले थे। इसी तरह हांगकांग में 6 अप्रैल के बाद महज चार हफ्तों में ही कोरोना से संक्रमित मामलों की संख्या 6.21 फीसद से बढ़कर 13.6 फीसद तक हो गई। ब्रिटेन में कोरोना के मामले सबसे अधिक डरा रहे हैं। ब्रिटेन सरकार के ताजा आंकड़े बताते हैं कि 2 मई को 101 लोगों की मौत इसके कारण हुई। उससे पहले जनवरी में एक सप्ताह के अंदर 111 लोगों की मौत हुई थी।

कोरोना : नया वैरिएंट JN.1

कोरोना के मामलों के तेजी से बढ़ने के पीछे नया वैरिएंट JN.1 जिम्मेदार है। असल में यह ओमिक्रोन वैरिएंट का ही सब-वेरिएंट है। एक दिलचस्प बात ये भी है कि JN.1 खुद एक सब-वेरिएंट है पर इसके भी उप-वेरिएंट के तौर पर LF.7 और NB.1.8 आ चुके हैं जिनके मामले सिंगापुर और हांगकांग में सबसे अधिक आए हैं। भारत में इसे जुड़े मामले अभी तक सामने नहीं आये हैं। सिंगापुर के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक मौजूदा समय में LF.7 और NB.1.8 ही सिंगापुर में तेजी से फैल रहे हैं। जीनोम सीक्वेंसिंग किए गए मामलों में से दो तिहाई मामले इसी से जुड़े हैं। JN.1 वो वेरिएंट भी है, जिसका इस्तेमाल मौजूदा कोविड-19 वैक्सीन के फॉर्मुलेशन में भी किया गया है। जानकारों का कहना है कि ये वेरिएंट पहले की अपेक्षा गंभीर नहीं है लेकिन इसके तेजी से फैलने से चिंता बढ़ रही है।

Related posts

मेडिकल कॉलेज के अप्रूवल के लिए भर्ती किये फ़र्ज़ी मरीज़

Ashutosh Kumar Singh

स्वास्थ्य की कुंजी गांधी के राम

admin

तो डॉक्टर साहब नहीं लिख पायेंगे घसीट लिपि!

Ashutosh Kumar Singh

Leave a Comment