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नसबंदी के बाद दे दी सिप्रोसीन, सिप्रोसीन में मिला था चूहे मारने का जहर!

बिलासपुर की स्थिति पर बेसक बड़े मीडिया समूहों ने अपनी चुप्पी साध ली हो, लेकिन स्वस्थ भारत अभियान की टीम सच से पर्दा उठाने के लिए कृतसंकल्प है। संपादक

नकली दवा पकड़ने हेतु छापामारी करने गयी स्वस्थ भारत अभियान की टीम व फार्मासिस्ट एसोसिएशन के सदस्य मीडिया से बात करते हुए..
नकली दवा पकड़ने हेतु छापामारी करने गयी स्वस्थ भारत अभियान की टीम व फार्मासिस्ट एसोसिएशन के सदस्य मीडिया से बात करते हुए..

बिलासपुर। नसबंदी के आपरेशन के अलावा सर्दी बुखार में इस टेबलेट को खाकर मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। शुक्रवार को सिप्रोसीन खाकर बीमार होने वाले तीन अन्य लोगों ने दम तोड़ दिया। इस जहरीली दवा के चलते अब तक 19 लोगों की मौत हो चुकी है और सवा सौ मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं। सिप्रोसीन के प्रभाव से सरगुजा में बीमार हुई एक महिला को भी आज सिम्स में भर्ती किया गया है। वहीं जिला प्रशासन की टीम ने शुक्रवार को शहर की 100 से अधिक मेडिकल दुकानों में छापा मारकर बड़ी मात्रा में सिप्रोसीन टेबलेट जब्त किया। बताया जा रहा है सिप्रोसिन की इस दवा में चूहे मारने वाले जहर की मिलावट है।
नसबंदी के आपरेशन के बाद सिप्रोसीन  टेबलेट खाकर बीमार पड़ने वाली 15 महिलाओं की मौत पहले ही हो चुकी थी। गुरुवार को सर्दी खांसी में इस दवा को खाने वाले पेंडारी निवासी अंजोरी की मौत हो गई थी। इसके अलावा शहर के एक निजी अस्पताल में घुटकू पंडरीपार निवासी मदन सूर्यवंशी की मौत हो गई। सिम्स में भर्ती हिर्री मेड़पार निवासी हरकुंवर बाई की भी मौत हो गई। इसके अलावा तखतपुर ब्लाक के ग्राम पोंड़ी निवासी कमला कौशिक पति लालाराम कौशिक की भी शुक्रवार को मौत हो गई। इस महिला को सिप्रोसीन खाने के बाद किडनी फेल होने पर शहर के एक निजी अस्पताल से रायपुर ले जाया जा रहा था, रास्ते में इसने दम तोड़ दिया।
cprocinनसंबदी के आपरेशन के बाद सिप्रोसीन खाने से बीमार पड़ी महिलाओं के बाद अब डाक्टरों द्वारा सिप्रोसीन देने से बीमार पड़ रहे लोगों को अस्पताल लाया जा रहा है। शहर के जिला अस्पताल, सिम्स और अपोलो हास्पिटल में अब तक 125 से अधिक मरीज भर्ती हो चुके हैं। इनमें से एक दर्जन मरीजों का डायलिसिस चल रहा है, 8 मरीज वेंटिलेटर में हैं। सबसे अधिक 62 मरीज अपोलो हास्पिटल में भर्ती हैं। इन सभी की हालत गंभीर है।
नसबंदी कांड अब सरगुजा तक पहुंच गया है। शुक्रवार को सरगुजा में नसबंदी के बाद बीमार हुई एक मरीज अजबनगर जयनगर अंबिकापुर निवासी जानकी बाई पति श्यामलाल को सिम्स में भर्ती किया गया। इस महिला ने सरकारी नसबंदी शिविर में आपरेशन कराया था, उसके बाद उसकी स्थिति बिगड़ने लगी। स्थिति गंभीर होेने पर शुक्रवार की सुबह उसे सिम्स लाकर भर्ती किया गया। आज सुबह से जांजगीर से आधा दर्जन मरीजों को लाए जाने की अफवाह उड़ती रही, हालांकि रात तक यहां से कोई मरीज नहीं बिलासपुर नहीं लाया गया।
pankaj medicoशुक्रवार को चीफ सेक्रेटरी विवेक ढांढ ने अधिकारियों से वीडियों कांफ्रेंसिंग के जरिए चर्चा की। इसके बाद जिला प्रशासन के अधिकारियों की आधा दर्जन टीम ने शहर की मेडिकल एजेंसियों व दवा दुकानों में छापा मारा। सुबह से शाम तक तेलीपारा स्थित मेडिकल काम्प्लेक्स के अलावा लगभग 100 दवा दुकानों की जांच कर प्रतिबंधित महावर फार्मा की सिप्रोसीन टेबलेट की तलाश की गई। जानकारी के अनुसार एक दवा दुकान से अधिकारियों को भारी मात्रा में सिप्रोसीन की टेबलेट मिली है।
तिफरा यदुनंदन नगर स्थित दवा फैक्ट्री कावो फार्मा में आज भी जांच जारी रही। जाँच में जिला प्रशासन स्वस्थ भारत अभियान की टीम व फार्मासिस्टों का सहयोग भी ले रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस ने फैक्ट्री के कागजात जब्त कर लिए हैं। पुलिस को फैक्ट्री में कोई दवा नहीं मिली है। अब तक फैक्ट्री के संचालक को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव आलोक शुक्ला व स्वास्थ्य संचालक आर प्रसन्ना ने शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्टोर में जाकर सभी दवाओं की जांच की। उसके बाद कर्मचारियों का बयान दर्ज कराया। प्राप्त जानकारी के अनुसार अधिकारियों ने सीएमओ दफ्तर से दवा संबंधी सारे दस्तावेज जब्त कर लिए। सीएमओ कार्यालय में की गई कार्रवाई से खलबली मची रही।
साभारः http://www.hellocg.com/
 

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