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पुस्तक संस्कृति है और मित्र भी : राज्यपाल अर्लेकर

दिल्ली में इंद्रप्रस्थ साहित्य महोत्सव का हुआ आगाज

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। इंद्रप्रस्थ साहित्य महोत्सव का भव्य शुभारंभ इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र, दिल्ली में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर, प्रसिद्ध जैन संत डॉक्टर लोकेश मुनि, इतिहास संकलन योजना के संगठन महामंत्री बालमुकुंद पांडे और NSD के निदेशक डॉ रमेश चंद्र गौड़ के हाथों हुआ।

पुस्तक प्रदर्शनी  भी

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन व सरस्वती वंदना से हुई। पद्मश्री जवाहर कॉल, IIMC के महानिदेशक प्रोफेसर संजय द्विवेदी, केंद्रीय सूचना आयुक्त उदय माहुरकर, दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर गीता सिंह, लेखक राम शंकर कुशवाहा, एल आर विश्वनाथ, गुरु प्रकाश, मकरंद परांजपे, संजीव सन्याल, नरेंद्र शुक्ला, अश्विनी महाजन सहित सैकड़ों लेखकों की उपस्थिति में पुस्तकों की भव्य प्रदर्शनी का शुभारंभ किया गया।

साहित्य आदित्य के समान :  लोकेश मुनि

हिमाचल के राज्यपाल ने कहा कि पुस्तक ही संस्कृति है और पुस्तक ही मित्र भी। पुस्तकों से किसी देश की संस्कृति प्रवाहमान बनी रहती है। प्रसिद्ध जैन संत शांतिदूत डॉक्टर लोकेश मुनि ने कहा कि साहित्य आदित्य के समान है जहां आदित्य नहीं, वहां अंधकार है और जहां साहित्य नहीं, वहां अज्ञान है। अपने स्वागत भाषण में बालमुकुंद पांडे ने कहा कि भारतीय संस्कृति, इतिहास और राष्ट्र के सत्यान्वेषण को समाज के सामने लाने का यह प्रयास है जो आगे जाकर पुरातन काल से लेकर और वर्तमान तक के समस्त अनकहे-अनछुए इतिहास, राष्ट्र और संस्कृति के लेखकों को समाज के सामने प्रस्तुत करेगा।

कई मुद्दों पर हुई वार्ता

कार्यक्रम के विभिन्न सत्रों में विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई जिसमें अंतर्राष्ट्रीय सहयोग परिषद, मधुबनी लिटरेचर फेस्टिवल, मीडिया स्कैन, प्रज्ञा संस्थान आदि संस्थाओं ने वसुधैव कुटुंबकम, पद्म पुरस्कारों का लोकतांत्रिकरण, भारतीय साहित्य की दिशा और दशा विषयों पर प्रबुद्ध लेखकों का चिंतन-मंथन और चर्चा रही। कार्यक्रम में पुस्तकों का लोकार्पण भी किया गया।

भारत का भरोसा वसुधैव कुटुंबकम पर

अंतर्राष्ट्रीय सहयोग परिषद के अध्यक्ष पूर्व राजनयिक वीरेंद्र गुप्ता, महासचिव श्याम परांडे और नारायण कुमार ने वसुधैव कुटुंबकम पर बताया कि पूरे विश्व को वैक्सीन, खाद्य पदार्थ और अन्य मदद देकर मां की भूमिका का कार्य भारत कर रहा है क्योंकि उसके लिए पूरा विश्व एक परिवार है। आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी श्री प्रज्ञानानंद जी महाराज ने अपना आशीर्वचन दिया। प्रसिद्ध गायिका मैथिली ठाकुर ने अपनी प्रस्तुति देकर कार्यक्रम को सांस्कृतिक स्वरूप प्रदान किया।

18 को स्वास्थ्य पर चर्चा

महोत्सव 18 दिसंबर तक इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र, जनपथ में जारी रहेगा। 18 को ‘अमृत काल में भारत का स्वास्थ्य’ पर चर्चा होगी जिसमें स्वस्थ भारत के चेयरमैन आशुतोष कुमार सिंह, धनंजय कुमार, डॉ. राज्यवर्द्धन आजाद, धीप्रश्र द्विेदी आदि भी भाग ले रहे हैं।

 

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