नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। वाराणसी में स्थित महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र और होमी भाभा कैंसर अस्पताल लगातार आधुनिक कैंसर (Cancer) उपचार के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं। अस्पतालों में सुविधाओं के विस्तार का सीधा लाभ मरीजों को मिल रहा है। मिली रिपोर्ट के अनुसार 2025 में 2024 की तुलना में 30 प्रतिशत अधिक मरीजों को रेडिएशन थेरेपी दी गई। वर्तमान में दोनों अस्पतालों में छह अत्याधुनिक रेडिएशन मशीनों के माध्यम से प्रतिदिन औसतन 350 मरीजों का उपचार किया जा रहा है।
कैंसर: 2018 से 2025 तक बड़ा बदलाव
अस्पताल की शुरुआत 2018 में हुई थी, जब केवल 532 मरीजों को रेडिएशन उपचार मिल पाया था। 2025 में यह संख्या बढ़कर 4,735 तक पहुंच गई है, जो इलाज की क्षमता और सुविधाओं में बड़े विस्तार को दर्शाता है। रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. आशुतोष मुखर्जी कहते हैं कि अस्पताल आने वाले करीब 60 से 65 प्रतिशत मरीजों को इलाज के किसी न किसी चरण में रेडियोथेरेपी की आवश्यकता होती है। उन्होंने बताया कि मुख कैंसर रेडिएशन लेने वाले मरीजों में सबसे अधिक है, जिसका प्रमुख कारण तंबाकू और उससे जुड़े उत्पादों का सेवन है। रेडिएशन थेरेपी का एक पूरा कोर्स सामान्यतः 35 दिन में पूरा होता है, हालांकि मरीज की स्थिति के अनुसार यह अवधि कम या अधिक हो सकती है। मुख कैंसर के बाद स्तन कैंसर के मरीज रेडिएशन थेरेपी के लिए दूसरे स्थान पर हैं।
कैंसर: अत्याधुनिक तकनीक से इलाज
रेडिएशन विभाग के चिकित्सक डॉ. संबित स्वरूप नंदा ने बताया कि अस्पताल में सांस के साथ समन्वय कर रेडिएशन देने जैसी उन्नत तकनीकें उपलब्ध हैं, साथ ही त्वचा संबंधी कैंसर के लिए भी विशेष रेडिएशन सुविधाएं मौजूद हैं। अस्पताल के निदेशक डॉ. सत्यजीत प्रधान ने बताया कि कुल छह रेडिएशन मशीनों में से तीन नई मशीनें पिछले वर्ष शुरू की गईं, जिनमें से दो का उद्घाटन प्रधानमंत्री द्वारा किया गया था। उन्होंने कहा कि संस्थान का लक्ष्य हर मरीज को समय पर, निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण कैंसर उपचार उपलब्ध कराना है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, वर्ष 2022 में दुनिया भर में 2 करोड़ नए कैंसर मामले सामने आए, जबकि 97 लाख लोगों की मौत कैंसर के कारण हुई। ऐसे में समय पर जांच और शुरुआती अवस्था में पहचान बेहद जरूरी है।
कैंसर: रेडिएशन वाले मरीजों की संख्या
2018 – 532
2019 – 1,153
2020 – 2,090
2021 – 3,050
2022 – 3,264
2023 – 3,307
2024 – 3,641
2025 – 4,735
