स्वस्थ भारत मीडिया
स्वास्थ्य संसद-2023 समाचार / News

स्वास्थ्य संसद के संयोजक का स्वास्थ्य-सांसदों के नाम संदेश

भोपाल से लौटकर आशुतोष कुमार सिंह

नयी दिल्ली। स्वास्थ्य संसद के सभी साथियों को प्रणाम करता हूं!
स्वस्थ भारत (न्यास) के आठवें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय स्वास्थ्य संसद (28-30 अप्रैल) की सफलता की तस्वीरें आपके सामने हैं। हमने जो परिकल्पित किया, उसे परिणति तक पहुंचाने में आप सबने जिस उत्साह, उमंग और विश्वास के साथ सहयोग किया, उसके लिए आभार व धन्यवाद शब्द बहुत छोटा है।
इस महा-आयोजन को आप सबने मिलकर जिस ऊंचाई तक पहुंचाया है, उसको शब्दों में बयां कर पाना मेरे लिए मुश्किल हो रहा है। जिन साथियों ने विगत चार महीनों तक विशेष सक्रियता दिखाई, उनका नाम लेना मैं न्यायोचित समझता हूं। इस आयोजन की परिकल्पना के बाद इसके क्रियान्वयन में बड़े भाई और हम सबके मार्गदर्शक श्री अनुज अग्रवाल जी, हमारे पुराने मित्र एवं बड़े भाई रिज़वान रज़ा जी एवं उनकी पूरी टीम, संस्था के विधि सलाहकार, कवि, गीतकार एवं हम सबके प्रिय भाई अमित त्यागी जी, मुंबई से आई हमारी दीदी अल्का अग्रवाल सिग्तिया जी, लखनऊ से पधारी हमारी बड़ी बहन डॉ. अलका सिंह जी, मुंबई से आए बड़े भाई सरोज सुमन जी एवं शेखर अस्तित्व जी, दिल्ली से पधारे हमारे मार्गदर्शक एवं वरिष्ठ होमियोपैथिक चिकित्सक डॉ. पंकज अग्रवाल जी, मित्र संजीव कुमार जी, धीप्रज्ञ द्विवेदी जी, श्री मंदीप अग्रवाल जी एवं भोपाल के स्थानीय संयोजक नितेश नागेश का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
स्थानीय स्तर पर इस आयोजन को क्रियान्वित करने का शत्-प्रतिशत श्रेय माननीय सभापति एवं कुलपति प्रो.. (डॉ.) के.जी.सुरेश जी एवं माखनलाल राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के सभी विभागाध्यक्षों, कर्मचारियों एवं छात्रों को जाता है। यह आयोजन यदि संभव हो पाया और हमने इसे करने की हिम्मत जुटाई तो इसका संपूर्ण श्रेय मेरे मार्गदर्शक प्रो. (डॉ.) के.जी.सुरेश जी को है। यदि उनकी ओर से हमें आत्मबल प्रदान नहीं किया जाता तो शायद तीन दिनों के इतने भव्य आयोजन की परिकल्पना कर पाना हमारे लिए संभव नहीं था। श्री के.जी सर का स्नेह, प्यार और मार्गदर्शन मुझे हमेशा से मिलता रहा है। यही कारण है कि यह आयोजन अपनी ऊंचाइयों को छू रहा है। इस पूरे आयोजन में कुलसचिव डॉ. अविनाश वाजपेयी जी से पितृतुल्य प्यार एवं स्नेह मिला। कोई भी समस्या सामने आई, उसका उन्होंने त्वरित समाधान किया। उनके सभापतित्व में हमलोगों ने विश्वविद्यालय परिवार के वरिष्ठ साथियों के साथ एक तैयारी बैठक की। उस बैठक की सफलता ही इस आयोजन की सफलता की नीवं साबित हुई।
विश्वविद्यालय की बात कर रहा हूं तो डॉ. राखी तिवारी जी की बात करना जरूरी है, जिन्होंने विश्वविद्यालयी स्तर पर इस पूरे आयोजन को समन्वित किया। तबीयत खराब रही। बावजूद उन्होंने दिन-रात इस आयोजन की सफलता के लिए कार्य किया। रात के 12-1 बजे तक हमदोनों की चर्चा होती थी कि कल आयोजन को कैसे करना है। उनका जो मार्गदर्शन मिला, उससे मुझे बहुत मोरल सपोर्ट मिला। दिल्ली से जाकर भोपाल में ऐसा लगा कि यहां पर मातृशक्ति हैं जो एक माँ की तरह आपका ख्याल रख रही हैं। प्रो. आरती सारंग जी की चर्चा न करूं तो मेरी बात पूरी नहीं हो सकेगी। आपने जिस संजीदगी के साथ स्टेज को संभाला, वह इस आयोजन की सफलता का एक टर्निंग प्वांट था।
उद्घाटन में विश्वविद्यालय परिवार के श्री विवेक सावरीकर जी ने जिस तरीके से मंच के संचालित किया, वह अद्वितीय था। मीडिया कॉर्डिनेशन एवं प्रेस रिलीज में डॉ. अरुण जी ने बहुत मेहनत की। साथ ही एक सत्र के संचालन की भूमिका भी निभाई। विश्वविद्यालय परिवार की सोशल मीडिया टीम हो, वीडियो रिकॉर्डिंग टीम हो या मनोज पटेल जी की टीम, सभी ने दिए गए दायित्वों का हमारी अपेक्षाओं से बढ़कर निर्वहन किया। मेरे छोटे भाई एवं पुराने साथी अंकित पांडेय जी, जो कभी भी सामने नहीं दिखें, लेकिन पर्दे के पीछे का प्रबंधन बेहतरीन तरीके से किया। उनका सहयोग विशेष रेखांकनीय है। उन्होंने आवास, कैंटिन, सोशल मीडिया, साफ-सफाई तमाम बिन्दुओं पर विशेष ध्यान दिया। विश्वविद्यालय के बच्चों ने तमाम वक्ताओं के साथ शानदार इंटरैक्शन किया, उनके साक्षात्कार लिए, साथ ही चित्रकला प्रतियोगिता, निबंध प्रतियोगिता एवं पीपीटी प्रस्तुतिकरण में भी इन छात्रों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया।
माननीय कुलपति जी के नेतृत्व में विश्वविद्यालय की पूरी टीम इस तरह के बड़े आयोजन को समग्रता एवं सार्थकता प्रदान करने की दृष्टि से विश्वस्तरीय हैं। इस विश्वविद्यालय का पूर्व छात्र होने के नाते आप सबका प्यार, स्नेह एवं आशीर्वचन जिस रूप में हमें प्राप्त हुआ, वह अकल्पनीय है, अकथनीय है।
इस पूरे आयोजन में संभव है मेरे व्यवहार में उतार-चढ़ाव आएं हो, कई बार आपलोगों को लगा हो कि मेरा व्यवहार न्यायोचित नहीं है। दरअसल यह पूरा आयोजन अभाव से प्रभाव की एक यात्रा की तरह रहा। तमाम अभावों से जूझते हुए, तमाम दबावों को सहते हुए, यह आयोजन अपनी सफलता की सीढ़ी को चढ़ पाया। अंतिम समय में कुछ स्पॉन्सर मिले जिससे आयोजन के खर्चें की चिंता से हमें मुक्ति मिल पाई। इस आयोजन को आर्थिक रूप से सहयोग करने-कराने में वरिष्ठ कवि आलोक श्रीवास्तव ‘अविरल’, संदीप कुमार जी, डॉ. शशांक द्विवेदी जी, डॉ. आलोक मिश्रा जी की अहम भूमिका रही। आपलोगों ने हमारे मोरल को कभी डाउन नहीं होने दिया, हमें थामे रखा, हमें बांधे रखा।
अंत में मैं अपने उपसभापति एवं पूर्व डीजीपी एस.के.राउत सर की उपस्थिति को प्रणाम करता हूं। जिस तरीके से आपने उद्घाटन, समापन एवं दूसरे दिन के तीन सत्रों में अपना विशेष समय दिया, वह हम सबके लिए अनुकरणीय है। श्री मोहन ढाकोनिया जी का भी मार्गदर्शन एवं सानिध्य आयोजन को और जीवंत करने में सहायक रहा। आरोग्य भारती के मिहिर झा एवं स्पंदन के अनुज शर्मा का सहयोग भी रेखांकनीय रहा। इस आयोजन के तमाम सत्रों में जितने भी वक्ता, कवि, गायक एवं गायिकाएं आएं, उन सभी के प्रति दिल की गहराइयों से आभार प्रकट करता हूं। खासतौर से सुमीता दत्ता जी का। साथ ही इस आयोजन में प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से जिनका भी सहयोग, समर्थन, सहकार एवं सानिध्य मिला, उन सभी सकारात्मक शक्तियों को प्रणाम करता हूं।
हमें पूरा उम्मीद है कि आपलोगों को इस स्वास्थ्य संसद की परिकल्पना एवं क्रियान्वयन पसंद आया होगा। इसकी सफलता का सारा श्रेय आप सभी को जाता है। यदि कहीं कमी रही हो तो उसकी पूरी जिम्मेदारी मेरे समन्वय की कमी को जाती है। अपनी गलतियों के लिए क्षमा सहित आप सभी आए और यह आयोजन सफल रहा और स्वस्थ भारत के अगले पड़ाव पर पुनः मिलेंगे, इस आशा के साथ एक बार पुनः आप सबको साधुवाद, प्रणाम एवं सभी को स्वास्थ्यकामनाएं!

सादर

आशुतोष कुमार सिंह
संयोजक, स्वास्थ्य संसद 2023, भोपाल

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