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दिल्ली में औषधि नियामक प्राधिकरणों के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। यहां 14 से 18 अक्टूबर तक चलने वाले औषधि विनियामक प्राधिकरणों (ICDRA) के 19वें अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने किया। यह आयोजन भारत में पहली बार हो रहा है जो केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) और स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा WHO के सहयोग से किया जा रहा है। इस सम्मेलन में 194 से अधिक देशों के विनियामक प्राधिकरण के अधिकारी मौजूद रहे।

भारत का मंत्र 3 S : नड्डा

इस आयोजन को संबोधित करते हुए श्री नड्डा ने भारतीय हेल्थ सिस्टम की व्यापक चर्चा की और कहा कि हम 3 S यानी स्किल, स्पीड और स्केल में विश्वास करते हैं और इन तीन पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करके बिना किसी समझौते के वैश्विक गुणवत्ता मानकों का पालन करते हुए फार्मा उत्पादों की बढ़ती मांग को पूरा करने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि आज 8 दवा परीक्षण प्रयोगशालाएं चालू हैं, जबकि दो और प्रयोगशालाएं पाइपलाइन में हैं। आयात की जा रही दवाओं और कच्चे माल की त्वरित जांच और रिलीज़ के लिए विभिन्न बंदरगाहों पर आठ मिनी परीक्षण प्रयोगशालाएं चालू हैं। इसके अलावा, 38 राज्य औषधि नियामक परीक्षण प्रयोगशालाएं चालू हैं।

भारत का कदम सराहनीय : डॉ. टेड्रोस

WHO के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस ने अपने भाषण में इस महत्वपूर्ण वैश्विक नियामक मंच की मेजबानी के लिए भारत की सराहना की और औषधि विनियमन में वैश्विक सहयोग के महत्व, विशेष रूप से रोगाणुरोधी प्रतिरोध, महामारी के बाद की दुनिया और स्वास्थ्य सेवा में एआई के सुरक्षित उपयोग जैसी चुनौतियों के मद्देनजर पर प्रकाश डाला। WHO के दक्षिणपूर्व एशिया क्षेत्र की क्षेत्रीय निदेशक डॉ. साइमा वाजेद ने कहा कि भारत जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा प्रदाता है जबकि भारतीय दवा उद्योग दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की 50 प्रतिशत से अधिक वैक्सीन की मांग को पूरा करता है।

भारत तीसरा बड़ा दवा उत्पादक

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव श्रीमती पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने कहा कि भारतीय दवा उद्योग हाल ही में भारत का चौथा सबसे बड़ा निर्यात क्षेत्र बन गया है, जो वैश्विक दवा आपूर्ति श्रृंखला में हमारे एकीकरण के स्तर का उदाहरण है। भारत दुनिया में दवाइयों का तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक है। अमेरिका के बाहर यूएस एफडीए द्वारा अनुमोदित संयंत्रों की सबसे बड़ी संख्या भारत में है। आयोजन को दक्षिण अफ्रीका में विश्व स्वास्थ्य संगठन के अंतर-सरकारी वार्ता निकाय की सह-अध्यक्ष सुश्री मालेबोना प्रेशियस मैटसोसो, भारत के औषधि महानियंत्रक डॉ. राजीव सिंह रघुवंशी आदि ने भी संबोधित किया।

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