पटना (स्वस्थ भारत मीडिया)। नीट का नतीजा आने के बाद मेडिकल कॉलेजों में MBBS एडमिशन की दौड़ शुरू होने वाली है। दाखिले के लिए स्कोर के अलावा काउंसलिंग में हिस्सा लेना, सीट मैट्रिक्स और कट-ऑफ ट्रेंड्स भी जरूरी होता है। इस बार सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों में MBBS की सीटें भी बढ़ाई गई हैं। वैसे सीटों में बढ़ोतरी के बाद भी चुनौती कम नहीं है। एमबीबीएस की हर एक सीट के लिए लगभग आठ उम्मीदवार की दावेदारी बनती है क्रूोंकि लगभग 11.21 लाख छात्र क्वालिफाई हुए हैं, जबकि देश में MBBS की सिर्फ 1,36,939 सीटें ही उपलब्ध है। सीटों के बढ़ने के बाद भी केवल 1.36 लाख को ही MBBS में प्रवेश मिलने की संभावना है। बचे छात्र BDS, आयुष, वेटरनरी या अन्य कोर्सेस का चुनाव कर सकते हैं।
12 सरकारी मेडिकल कॉलेज भी
जहां तक बिहार की बात है तो यहां कुल 12 निजी मेडिकल कॉलेज हैं जो इस साल एमबीबीएस में नामांकन लेंगे। इसमें 10 गैर-अल्पसंख्यक और दो अल्पसंख्यक मेडिकल कॉलेज शामिल हैं। बिहार के निजी मेडिकल कॉलेजों में 2026 में प्रवेश के लिए कुल 1,900 एमबीबीएस सीटें उपलब्ध हैं। इनमें चार बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय से संबद्ध हैं। इसके अलावा कई डेंटल और नर्सिंग कॉलेज भी हैं। एम्स के अलावा 12 सरकारी मेंडिकल कॉलेज भी हैं। पूर्वी चंपारण के चकिया के कोइलाबेलवा स्थित विराट रामायण इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस को 150 एमबीबीएस सीटों पर दाखिले की हाल ही आधिकारिक मान्यता मिली है। कोइलाबेलवा गांव चकिया से महज पांच किलोमीटर की दूरी पर है। इस संस्थान में फिलहाल 650 बेड का एक अत्याधुनिक अस्पताल पूरी क्षमता के साथ संचालित हो रहा है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में मरीजों का इलाज किया जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि 150 एमबीबीएस सीटों की इस नई मंजूरी के बाद यह संस्थान आने वाले दिनों में उत्तर बिहार में चिकित्सा शिक्षा और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का एक सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा।
कई नए कॉलेज कतार में
इसके अलावा कई और मेडिकल कॉलेज खुलने की पाइपलाइन में हैं। पटना के फुलवारी शरीफ प्रखण्ड के महंगूपुर क्षेत्र में 25 एकड़ में स्वामी सहजानंद सरस्वती मेडिकल कॉलेज और रूबन मेडिसिटी का निर्माण चल रहा है। यह एम्स पटना से चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। पटना के पास ही नौबतपुर में रूबन ग्रुप द्वारा मेरी मैकडोनाल्ड कॉलेज ऑफ नर्सिंग एवं पैरामेडिकल भी निर्माण प्रक्रिया में है। बिहटा में नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल चल रहा है। इसी तरह मुजफ्फरपुर में पूर्व मंत्री सुरेश शर्मा का राधादेवी जगेश्वरी मेडिकल कॉलेज, राजगीर में केके मेडिकल कॉलेज, जहानाबाद में कुर्मा संस्कृति मेडिकल कॉलेज, गया में बुद्धा मेडिकल कॉलेज एवं रिसर्च इंस्टीट्यूट है। मुजफ्फरपुर का फूलर मेडिकल कॉलेज और गया का अर्श मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल भी है जो मान्यता के प्रक्रिया में है। लगभग एक दर्जन अन्य निजी मेडिकल कॉलेज समाज का पाइपलाइन में है जो अगले वर्षों में चालू हो जाएगा।
