नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। मनोदैहिक दवाओं (Psychosomatic medicines) के अवैध हेरफेर और तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) की मध्य प्रदेश इकाई की एक विशेष निवारक टीम ने ऑपरेशन वज्र 2.0 के तहत 27-28 अगस्त को चंडीगढ़-बद्दी अंतरराज्यीय मार्ग पर 66,79,980 दवाओं की एक बड़ी खेप जब्त की। एक ट्रक में ले जायी जा रही अल्प्राज़ोलम, ट्रामाडोल, नाइट्रज़ेपम और क्लोनाज़ेपम सहित कई दवाएं आवश्यक वैधानिक दस्तावेज़ों के बिना ले जाया जा रहा था। इस सिलसिले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है और वाहन जब्त किया गया है।
बैच नंबर तक गायब
ट्रक की विस्तृत तलाशी में 120 बड़े कार्टन मिले जिनमें नियंत्रित मनोदैहिक पदार्थ थे। जांच में अवैध आपूर्ति श्रृंखला को छिपाने और नियामक निगरानी से बचने के लिए कई सुनियोजित उपाय सामने आए। बड़ी मात्रा में ब्लिस्टर स्ट्रिप्स और डिब्बों से बैच नंबर, निर्माण तिथि और समाप्ति तिथि मिटा दी गई थी। इसके अलावा “पंजाब हरियाणा राज्य में बिक्री के लिए नहीं” अंकित बड़ी मात्रा में दवाएं वैध सहायक दस्तावेजों जैसे कि चालान, बिल्टी या ई-वे बिल के बिना क्षेत्र में ले जाई जा रही थीं। विस्तृत सूची तैयार करने, जांच करने और सील करने की कार्यवाही रात भर 14 घंटे से अधिक समय तक चली। एनडीपीएस अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया है।
इस साल ऐसे 197 मामले
चालू कैलेंडर वर्ष 2026 के दौरान केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने अवैध मादक पदार्थों के नेटवर्क में शामिल 197 मामलों को सफलतापूर्वक दर्ज करके और 272 व्यक्तियों को गिरफ्तार करके तस्करी विरोधी अभियान में असाधारण प्रदर्शन किया है। कृत्रिम मादक पदार्थों के निर्माण के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई करते हुए ब्यूरो ने 6 गुप्त प्रयोगशालाओं का भंडाफोड़ किया। इसके अलावा एजेंसी की व्यापक प्रवर्तन कार्रवाइयों के परिणामस्वरूप भारी मात्रा में प्रतिबंधित सामग्री जब्त की गई जिसमें लगभग 51,000 किलोग्राम विभिन्न एनडीपीएस ड्रग्स के साथ-साथ 12,72,00,000 मनोदैहिक दवाओं की गोलियां और कैप्सूल भी शामिल हैं।
