नई दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। कैंसर के महंगे इलाज से जूझ रहे किसानों और उनके परिवारों के लिए सरकार ने राहत की खबर दी है। राष्ट्रीय औषधि मूल्य सूचकांक प्राधिकरण (NPPA) ने इन दवाओं पर ट्रेड मार्जिन यानी दवा की बिक्री में कारोबारियों को मिलने वाले मुनाफे की अधिकतम सीमा 30 प्रतिशत तय कर दी है। इस फैसले से संबंधित दवाओं की अधिकतम खुदरा कीमत (MRP) में 70 प्रतिशत तक की कमी आने की उम्मीद है। नई कीमतें 9 नवंबर 2026 से लागू होंगी।
इलाज के खर्च में आएगी कमी
पता हो कि कैंसर का इलाज लंबे समय तक चलता है और उसकी दवाएं महंगी होती हैं। ऐसे में दवाओं की कीमतों में कमी आमदनी और उनके परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम कर सकती है। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य कैंसर की दवाओं को अधिक किफायती बनाना और नौकरियों तक उनकी पहुंच आसान करना है। रिपोर्ट के अनुसार फार्मास्यूटिकल्स विभाग के तहत एनपीपीए ने विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर 137 ऐसी कैंसर दवाओं को चुना है जिनके कीमतों को नियंत्रित करने के लिए ट्रेड मार्जिन की सीमा तय की गई है। इस व्यवस्था के तहत अधिकतम खुदरा कीमत में कमी दवा की मौजूदा कीमत और उसकी मूल्य संरचना पर निर्भर करेगी। यानी सभी दवाओं के दाम एक समान नहीं घटेंगे, लेकिन कुछ दवाओं की कीमतों में 70 प्रतिशत तक की कमी संभव है।
7 साल पहले भी दी थी राहत
केंद्र सरकार इससे पहले 2019 में भी कैंसर की 42 दवाओं पर ट्रेड मार्जिन 30 फीसदी तक लिमिटेड कर चुकी है। उस पहल के बाद 526 ब्रांड की गैर-अनुसूचित कैंसर दवाओं की लिस्ट में 90 फीसदी तक की कमी दर्ज की गई थी। अब सरकार ने इस व्यवस्था का दायरा बढ़ाते हुए 137 और कैंसर दवाओं को इसमें शामिल किया है। दवा कंपनियों को अधिसूचना जारी होने के सात दिनों के भीतर प्राधिकरण लिस्ट की जानकारी NPPA को देनी होगी। कंपनियों को अपनी वेबसाइट पर नई प्राधिकरण की सूची प्रकाशित करने और दवा विक्रेताओं व अस्पतालों तक इसकी जानकारी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। 9 नवंबर से दवा दुकानों, अस्पतालों और मेडिकल इकाइयों को प्राधिकरण लिस्ट के अनुसार ही दवा उपलब्ध करानी होगी।
दवा की उपलब्धता बनी रहे
सरकार ने स्पष्ट किया है कि मरीजों पर नियंत्रण के साथ कैंसर की दवाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी। दवा कंपनियों को उत्पादन और आपूर्ति का मौजूदा स्तर बनाए रखना होगा, ताकि कीमतें घटने के बाद दवाओं की कमी का सामना न करना पड़े। राज्यों के दवा नियंत्रकों को भी निगरानी का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है। रोगियों और उनके परिजनों की दवाओं की अधिकृत कीमतें NPPA की आधिकारिक वेबसाइट और फार्मा सही दाम ऐप पर देख सकती हैं। सरकार की इस पहल से कैंसर के इलाज को अधिक किफायती बनाने और मरीजों को आर्थिक राहत देने की उम्मीद है।
