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शोधकर्ताओं ने विकसित किया पोर्टेबल कीटाणुशोधन उपकरण

नयी दिल्ली। वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) की चंडीगढ़ स्थित एक घटक प्रयोगशाला, केंद्रीय वैज्ञानिक उपकरण संगठन (CSIR-CSIO) के वैज्ञानिकों ने एक नया पोर्टेबल कीटाणुशोधन उपकरण विकसित किया है। शोधकर्ताओं का कहना है कि यह उपकरण कोरोनावायरस सहित रोगजनक सूक्ष्मजीवों के प्रसार को प्रभावी ढंग से रोकता है।

दो मोर्चे पर करेगा काम

यह इलेक्ट्रोस्टैटिक तकनीक पर आधारित एक हैंडहेल्ड डिवाइस है, जो दो मोर्चों पर काम करता है। सबसे पहले, कीटाणुनाशक तरल पदार्थ का छिड़काव करते समय, उपकरण हवा में वायरस को मारने में सक्षम विद्युत आवेशित बूंदों का उत्सर्जन करता है। दूसरे, डिवाइस से चार्ज की गई बूंदें किसी भी लक्ष्य के छिपे हुए क्षेत्रों तक पहुंच सकती हैं जिनमें वायरस हो सकते हैं। डिवाइस को डॉ मनोज कुमार पटेल के नेतृत्व में शोधकर्ताओं की एक टीम द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया है। शोधकर्ताओं का कहना है कि यह तकनीक उपयोग में आसान है और इसका उपयोग दुकानदारों, घरों और छोटे व्यवसायों द्वारा किया जा सकता है। CSIR-CSIO ने व्यावसायीकरण और बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए इस तकनीक को नागपुर स्थित मेसर्स राइट वाटर सॉल्यूशंस (आई) प्राइवेट लिमिटेड को हस्तांतरित कर दिया है।

सार्वजनिक स्थानों के लिए उपयोगी

CSIR-CSIO के निदेशक, प्रोफेसर एस अनंत रामकृष्ण ने कहा कि रोगजनक कीटाणुशोधन उपकरण के उपयोग में आसानी के लिए उपयोगकर्ता की मांग को ध्यान में रखते हुए, CSIR-CSIO ने इस उन्नत और पोर्टेबल इलेक्ट्रोस्टैटिक डिवाइस को विकसित किया है, जिसे सार्वजनिक स्थानों से मुक्त बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

इंडिया साइंस वायर से साभार

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