नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। कैंसर अनुसंधान एवं इसमें नवाचार को प्रोत्साहन देने के लिए परमाणु ऊर्जा विभाग ने टाटा मेमोरियल सेंटर के माध्यम से विप्रो जीई हेल्थकेयर (WGEHC) के साथ सहयोग किया है। इसका उद्देश्य ऑन्कोलॉजी में उभरती प्रौद्योगिकियों और डिजिटल प्लेटफार्मों के विकास और सत्यापन करना है, जिसमें चिकित्सा इमेजिंग और नैदानिक कार्यप्रवाह के लिए एआई-आधारित अनुप्रयोग, चिकित्सा छवि विश्लेषण के लिए उन्नत दृश्य उपकरण के हार्डवेयर तथा सॉफ्टवेयर, अनुप्रयोग-विकास के लिए सत्यापित डेटा एनोटेशन शामिल हैं।
साझेदारी में नवाचार पहल भी
यह जानकारी राज्य सभा में एक लिखित उत्तर में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और परमाणु ऊर्जा विभाग के राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने दी है। उन्होंने बताया कि इस सहयोग में मेडिकल इमेजिंग, क्लिनिकल वर्कफ्लो और ऑन्कोलॉजी में उन्नत विज़ुअलाइज़ेशन टूल के लिए एआई आधारित अनुप्रयोगों का विकास और कार्यान्वयन शामिल है। इस सहयोग के तहत विशेष रूप से एआई/एमएल आधारित अनुप्रयोग के कार्यान्वयन के क्षेत्र में की जाने वाली विभिन्न अनुसंधान पहल इस प्रकार हैं:
- MRI में अनुसंधान: कैंसर के निदान और जीवविज्ञान की व्याख्या को बढ़ाने के लिए अत्याधुनिक अनुसंधान को सुविधाजनक बनाने के लिए टाटा मेमोरियल अस्पताल में नए अनुक्रमों को तैनात किया गया है।
- एएसएल और 3डी एमआरएस का उपयोग करके उच्च-श्रेणी के ग्लियोमा में विकिरण परिगलन से ट्यूमर पुनरावृत्ति में अंतर करना।
- न्यूरो-ऑन्कोलॉजी में सीईएसटी इमेजिंग की भूमिका पर संभावित अध्ययन।
- सिर तथा गर्दन के कैंसर में डीप लर्निंग का उपयोग करके मेटास्टेटिक नोड्स का पूर्वानुमान।
- सिर, गर्दन के कैंसर में सिंगल शॉट ईपीआई और मल्टीशॉट-ईपीआई डीडब्ल्यूआई के बीच छवि गुणवत्ता की गुणात्मक और मात्रात्मक तुलना।
- आरटी योजना में स्वचालित स्तन तथा वक्ष भित्ति विभाजन के लिए जीई एमआर कंटूर डीएल का उपयोग करते हुए विकिरण चिकित्सा योजना के लिए एमआर कंटूर डीएल। लक्ष्यों की एआई-आधारित ऑटो-कंटूरिंग का उपयोग करते हुए जीई एकीकरण।
