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कैंसर पीड़ितों को सरकार से 15 लाख तक की सहायता

कैंसर पीड़ितों को सरकार से 15 लाख तक की सहायता

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। राष्ट्रीय आरोग्य निधि (RAN) के अंतर्गत कैंसर रोगियों की सहायता के लिए कई कदम उठाए गये हैं। इसके तहत स्वास्थ्य मंत्री कैंसर रोगी कोष के अंतर्गत गरीब कैंसर रोगियों को 15 लाख तक की सहायता प्रदान की जाती है। सरकारी अस्पताल एकीकृत ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रणालियों के माध्यम से आरएएन वित्तीय सहायता आवेदनों की सुविधा प्रदान करते हैं। क्षेत्रीय कैंसर केंद्रों, टेरीटरी देखभाल कैंसर केंद्रों, राज्य कैंसर संस्थानों और सरकारी अस्पतालों में कैंसर के इलाज के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। यह जानकारी स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

खाद्य सुरक्षा को लेकर कई कदम

श्री जाधव ने एक अन्य प्रश्न पर खाद्य सुरक्षा मानकों को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए बताया कि सुरक्षित खाद्य प्रथाओं को बढ़ावा देने के लिए FSSAI के खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण और प्रमाणन कार्यक्रम के तहत 3 लाख से अधिक स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को प्रशिक्षित किया गया। उसका ईट राइट इंडिया आंदोलन प्रमाणन और इकोसिस्टम सुधार के माध्यम से खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा देता है। इसके अलावा सुरक्षित और स्वच्छ भोजन को बढ़ावा देने के लिए 405 स्ट्रीट फूड हब प्रमाणित किए और खाद्य सुरक्षा और जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए देश भर में 305 मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब तैनात किए गए।

आयुष का आधुनिक चिकित्सा से एकीकरण

आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि सरकार आयुष का आधुनिक चिकित्सा के साथ एकीकरण करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। इसके लिए आयुष मंत्रालय 2014 राष्ट्रीय आयुष मिशन (एनएएम) की केंद्र प्रायोजित योजना को लागू कर रहा है। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद, सिद्ध, यूनानी और होम्योपैथी जैसी पारंपरिक प्रणालियों का आधुनिक चिकित्सा के साथ एकीकरण वैश्विक गति पकड़ रहा है और विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा इसे प्रोत्साहित किया जा रहा है। आयुष मंत्रालय ने आयुष के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग संवर्धन हेतु केंद्रीय क्षेत्र योजना (आईसी योजना) विकसित की है। इसके अंतर्गत मंत्रालय आयुष उत्पादों और सेवाओं के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए भारतीय आयुष औषधि निर्माताओं/आयुष सेवा प्रदाताओं को मदद प्रदान करता है। आयुष चिकित्सा प्रणालियों के अंतर्राष्ट्रीय प्रचार, विकास और मान्यता को सुगम बनाता है।

हर्बल दवाओं पर कार्यशाला संपन्न

आयुष मंत्रालय ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के सहयोग और भारतीय चिकित्सा एवं होम्योपैथी फार्माकोपिया आयोग (पीसीआईएमएंडएच) के समर्थन से 6 से 8 अगस्त के दौरान गाजियाबाद में तीन-दिवसीय WHO-हर्बल दवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय नियामक सहयोग (IRCH) कार्यशाला का आयोजन किया। इसमें भूटान, ब्रुनेई, क्यूबा, घाना, इंडोनेशिया, जापान, नेपाल, पैराग्वे, पोलैंड, श्रीलंका और युगांडा के प्रतिनिधिमंडलों ने भाग लिया। वैद्य राजेश कोटेचा ने उद्घाटन करते हुए हर्बल औषधि के क्षेत्र में वैश्विक नियामक सहयोग बढ़ाने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने आयुष ग्रिड के अंतर्गत प्रमुख डिजिटल पहलों का भी उल्लेख किया।

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