स्वस्थ भारत मीडिया
समाचार / News

राष्ट्रीय फ्लोरोसिस दिवस पर कार्यशाला आयोजित

राष्ट्रीय फ्लोरोसिस दिवस पर कार्यशाला आयोजित

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) के माध्यम से राष्ट्रीय फ्लोरोसिस दिवस के अवसर पर ‘फ्लोरोसिस’ पर राष्ट्रीय बहु-हितधारक कार्यशाला का आयोजन किया। राष्ट्रीय फ्लोरोसिस रोकथाम और नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस कार्यशाला में फ्लोरोसिस की रोकथाम, शीघ्र पता लगाने, प्रबंधन और नियंत्रण को मजबूत करने के लिए प्रमुख हितधारक एकत्रित हुए। इसमें जल शक्ति मंत्रालय, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्‍थान, राष्ट्रीय दंत आयोग, राज्य नोडल अधिकारियों और सलाहकारों सहित अन्य हितधारकों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। विभिन्न सेक्‍टरों के संस्थानों और विशेषज्ञों की भागीदारी ने फ्लोरोसिस की समस्या से निपटने के लिए समन्वित और बहुक्षेत्रीय दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल दिया।

रोकथाम को लेकर विमर्श

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य NPPCF की पहुंच और कवरेज का विस्तार करना, अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से कार्यक्रम के कार्यान्वयन को मजबूत करना तथा फ्लोरोसिस की प्रभावी रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए बहुक्षेत्रीय कार्रवाई को बढ़ावा देना था। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की अपर महानिदेशक डॉ. पुष्पा लता ने राष्ट्रीय फ्लोरोसिस रोकथाम एवं नियंत्रण कार्यक्रम (NPPCF) और फ्लोरोसिस की रोकथाम, शीघ्र पहचान तथा प्रबंधन के उद्देश्यों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने फ्लोरोसिस की रोकथाम एवं नियंत्रण प्रयासों को सुदृढ़ बनाने के लिए बहुक्षेत्रवार समन्वय और वास्तविक समय में सूचना साझाकरण के महत्व पर भी बल दिया।

पेयजल की शुद्धता जरूरी

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव ललित वधवा ने अंतर-क्षेत्रीय समन्वय के महत्व पर प्रकाश डाला। विशेष रूप से पेयजल और स्वच्छता से संबंधित सेक्‍टरों को रेखांकित किया गया, क्योंकि अत्यधिक फ्लोराइड के संपर्क और फ्लोरोसिस की व्‍याप्ति के बीच घनिष्ठ संबंध है। राष्ट्रीय फ्लोरोसिस रोकथाम और नियंत्रण कार्यक्रम (एनपीपीसीएफ) का उद्देश्य निगरानी, ​​क्षमता निर्माण, स्वास्थ्य शिक्षा, मामलों के शीघ्र निदान और प्रबंधन के साथ-साथ अत्यधिक फ्लोराइड के संपर्क पर ध्‍यान देने के लिए उपयुक्त अंतर-क्षेत्रवार उपायों के माध्यम से फ्लोरोसिस की रोकथाम और नियंत्रण करना है।बहु-हितधारक मंच ने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और अन्य हितधारकों के बीच अनुभवों, सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों और जमीनी स्तर की सीखों को साझा करने की सुविधा भी प्रदान की। इसका उद्देश्य कार्यक्रम के कार्यान्वयन को और मजबूत करना तथा फ्लोरोसिस की प्रभावी रोकथाम एवं नियंत्रण सुनिश्चित करना था। कार्यशाला में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की फ्लोरोसिस के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों को मजबूत करने और जागरूकता, शीघ्र निदान तथा उचित देखभाल तक पहुंच को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता की पुष्टि की गई, जिससे स्वस्थ समुदायों और बेहतर जीवन गुणवत्ता में योगदान मिलेगा।

Related posts

बिहार से अच्छी खबर, निगेटिव हो रहे हैं कोरोना संक्रमित

Ashutosh Kumar Singh

Research : नया कैंसर थेरेपी उपचार को और सटीकता देगी

admin

Mpox के प्रसार को लेकर प्रधानमंत्री भी चिंतित, हुई बैठक

admin

Leave a Comment