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27 किस्म की दवा मिल सकेगी अब परचून दुकानों से भी

27 किस्म की दवा मिल सकेगी अब परचून दुकानों से भी

नयी दिल्ली (स्वस्थ भारत मीडिया)। केंद्र सरकार ने तय किया है कि बुखार और दर्द की 27 तरह की दवा अब परचून की दुकान से भी बेची जाएगी। इनमें पारासिटामोल समेत कई ऐसी दवाएं होंगी जिन्हें आम लोग बिना डॉक्टरी परामर्श के भी खरीदकर खाते आए है। ऐसी दवाओं को ओवर-द-काउंटर श्रेणी में डाला जा रहा है जो बिना डॉक्टर की पर्ची के खरीदी जा सके।

दवा : सुलभ होंगी स्वास्थ्य सुविधाएं

रिपोर्ट के मुताबिक इस फैसले से ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुलभ बनेंगी। दवाओं की डोज और पैकिंग पर विशेष ध्यान देते हुए कानूनी ढांचा तैयार किया जा रहा है। जहां मेडिकल स्टोर्स की उपलब्धता अक्सर एक चुनौती होती है, वहां तो यह बहुत लाभप्रद साबित हो सकेगा। इस निर्णय से बुखार, दर्द या सामान्य एलर्जी जैसे छोटे-मोटे स्वास्थ्य समस्याओं के लिए अब डॉक्टर की पर्ची की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे लोगों की दिनचर्या में स्वास्थ्य से जुड़ी एक नई सहूलियत जुड़ने जा रही है।

दवा : OTC की नयी श्रेणी

सरकार की योजना है कि पेरासिटामोल, आइब्यूप्रोफेन, लिवोसिट्राजीन, ब्रूफेन जैसी कुल 27 जेनरिक दवाओं को ओवर-द-काउंटर श्रेणी में शामिल कर उन्हें परचून की दुकानों तक पहुंचाया जाए। पहले ये दवाएं केवल फार्मेसी पर डॉक्टर की पर्ची से ही मिलती थीं, लेकिन अब इन्हें खरीदने की प्रक्रिया कहीं आसान हो जाएगी। जानकारी हो कि भारत में अभी तक ओवर-द-काउंटर दवाओं को लेकर कोई स्पष्ट कानूनी या नियामकीय व्यवस्था नहीं थी। नतीजतन, फार्मेसी स्टोर ही इन दवाओं की एकमात्र वैध बिक्री का माध्यम थे। मई 2023 में CDSCO (Central Drugs Standard Control Organization) ने एक सब-कमेटी गठित की, जिसने यह तय करने की ज़िम्मेदारी ली कि किन दवाओं को OTC श्रेणी में रखा जा सकता है।

दवा : डोज का मानक बनेगा

ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (DTAB) की सिफारिशों के आधार पर सब-कमेटी ने एक विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपी। इसमें बताया गया कि रोज़ाना सबसे ज्यादा बिकने वाली और सुरक्षित मानी जाने वाली दवाओं की सूची बनाई गई है, जिन्हें OTC दवाएं घोषित किया जा सकता है। इन दवाओं के सुरक्षित उपयोग को ध्यान में रखते हुए डोज और पैकिंग की सीमाएं भी निर्धारित की जाएंगी। पैनल ने स्पष्ट किया है कि ओवर-द-काउंटर दवाएं सीमित मात्रा में ही उपलब्ध कराई जाएंगी। उदाहरण के तौर पर, आइब्यूप्रोफेन जैसी दवा अगर अधिक मात्रा में ली जाए तो स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकती है। इसलिए सरकार दवाओं के पैकिंग साइज और डोजिंग को लेकर मानक तय करेगी ताकि उपभोक्ताओं को उचित और सुरक्षित उपयोग के लिए मार्गदर्शन मिले।

दवा : बनेगा नया कानूनी ढांचा

इसके लिए सरकार अब ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स रूल्स, 1945 में आवश्यक बदलाव करने जा रही है। इससे OTC दवाओं की बिक्री, लेबलिंग, प्रचार और पात्रता के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश बनेंगे। डॉक्टर की पर्ची वाली दवाओं की तरह अब बिना पर्ची मिलने वाली दवाओं के लिए भी एक स्पष्ट गाइडलाइन तैयार होगी, जिससे किसी भी दवा का दुरुपयोग रोका जा सकेगा।

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