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श्रीपद येस्सो नाइक 12 दिसंबर, 2015 को वाराणसी में आरोग्य मेले का उद्धाटन करेंगे

उत्तर प्रदेश की राज्य सरकार, बीएचयू एवं भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) के सहयोग से 12-12-2015 से 15-12-2015 तक बीएचयू में आरोग्य मेले का आयोजन किया जा रहा है।

sripad Naik, State Health Minister, India
sripad Naik, State Health Minister, India

नई दिल्ली/11.12.15 केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री श्रीपद येस्सो नाइक 12 दिसंबर, 2015 को वाराणसी के बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपेथी पर एक व्यापक राष्ट्रीय स्तर के मेले का उद्धाटन करेंगे।
इस आरोग्य मेले को काफी महत्व दिया जा रहा है क्योंकि इसमें अंतर्राष्ट्रीय शिष्टमंडलों की भागीदारी होगी। भारत में 16 विदेशी मिशनों के अधिकारी उद्धाटन समारोह में भाग लेंगे। इसके अतिरिक्त 5 देशों की आयुष कंपनियों ने आरोग्य मेले में अपनी भागीदारी की पुष्टि कर दी है।
आयुष मंत्रालय 2005 से ही जागरुकता बढ़ाने एवं विभिन्न आयुष प्रणालियों में विकास प्रदर्शित करने के लिए भारत के बड़े शहरों में आरोग्य मेले का आयोजन करता रहा है। इस मेले को मिल रहे भारी जनसमर्थन को देखते हुए मंत्रालय उत्तर प्रदेश की राज्य सरकार, बीएचयू एवं भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) के सहयोग से 12-12-2015 से 15-12-2015 तक बीएचयू में आरोग्य मेले का आयोजन कर रहा है।
नेशनल मेडिसिनल प्लांट बोर्ड (एनएमपीबी), इंडियन मेडिसिन्स फार्मास्यूटिकल्स कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईएमपीसीएल) के साथ आयुष प्रणाली की दवाओं में केंद्रीय अनुसंधान परिषदों/ राष्ट्रीय संस्थान और लगभग 80 निजी आयुष उद्योग इस चार दिवसीय मेले में भाग लेंगे और आयुष प्रणालियों के जरिये स्वास्थ्य देखभाल को बढ़ावा देने के लिए अनुसंधान, शिक्षा एवं उत्पादों के विकास के क्षेत्र में अपनी ताकत प्रदर्शित करेंगे। आरोग्य मेला आयुष के सभी तथ्यों को प्रदर्शित करने के लिए एक साथ आने के लिए आयुष के सभी हितधारकों को एक व्यापक मंच मुहैया कराता है।
मेले का उद्देश्य आयुष प्रणाली की कुशलता, उनकी निम्न लागत एवं सामान्य बिमारियों से बचाव एवं उपचार के लिए उपयोग में आने वाली जड़ी-बुटियों एवं पौधों की उपलब्धता के बारे में आम लोगों की जागरूकता को बढ़ाना है। यह सुविधा लोगों को विभिन्न जनसूचना माध्यमों के जरिये उनके दरवाजे पर ही उपलब्ध हो जाती है और इससे सभी लोगों के लिए स्वास्थ्य के लक्ष्य को अर्जित करने में भी सहायता मिलती है।

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