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Kolkata tragedy : देशभर में डॉक्टरों ने ठप की स्वास्थ्य सेवा

नयी दिल्ली/पटना (स्वस्थ भारत मीडिया)। कोलकाता के आर जी कर मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी महिला डॉक्टर के साथ दरिंदगी के खिलाफ देशभर में स्वास्थ्य सेवा प्रभावित रही।। डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों ने अस्पताल के ओपीडी के कामकाज का ठप कर दिया जिससे मरीजों को काफी परेशानी हुई। हालांकि कोलकाता हाईकोर्ट ने इस कांड की जांच सीबीआई को सौंप दी है लेकिन गुस्सा है कि शांत नहीं हो रहा है। NMC ने भी सुरक्षा संबंधी एडवाइजरी जारी की है।

AIIMS के कामकाज पर भी पड़ा असर

इस मामले को लेकर लगभग सभी राज्यों में स्वास्थ्य सेवा बाधित रही। खबरों के अनुसार दिल्ली एम्स के सभी विभागों OPD में सामान्य दिनों के मुकाबले करीब 66 फीसद कम काम हुआ। बहुत सारे मरीज बिना OPD में दिखाए ही लौट गए। सबसे ज्यादा परेशानी सर्जरी के वैसे मरीजों को झेलनी पड़ी जिनको 13 अगस्त का डेट मिला था। वहां के कुल 10 विभागों के ऑपरेशन थिएटरों में सर्जरी अन्य दिनों की तुलना में 90 फीसद कम हुई। इसी तरह मरीजों की भर्ती का आंकड़ा भी 65 फीसद कम रहा।

बिहार में भी बुरा हाल

बिहार के सभी अस्पतालों का ऐसा ही हाल रहा। दरभंगा के DMCH के जूनियर डॉक्टर एसोशिएशन ने OPD सेवा को पूरी तरीके से बंद कर हड़ताल पर चले गए जिससे दूर से आने वाले मरीजों और परिजनों को काफी परेशानी हुई। सेंट्रल OPD के अलावा गायनी OPD में भी जूनियर डॉक्टरों ने रजिस्ट्रेशन काउंटर बंद करा दिया।

NMC ने जारी की एडवाइजरी

इस बीच स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने सभी मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों के लिए काम करने के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसमें काम का सुरक्षित माहौल बनाने, आवासीय क्वार्टरों में सुरक्षा उपाय, शाम के बाद अच्छी रोशनी तथा संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की बात कही गई है। सुरक्षा कर्मचारियों में पुरुष और महिला की तैनाती हो। मेडिकल छात्रों के खिलाफ हिंसा की किसी भी घटना की कॉलेज प्रबंधन तुरंत जांच करे, पुलिस में FIR दर्ज हो और कार्रवाई रिपोर्ट घटना के 48 घंटे के भीतर NMC को भेजी जाए।

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